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बैंक में आठ दिन से नहीं पहुंचा कैश, पाई-पाई को तरसे लोग

Thu, 08 Dec 2016 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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public news - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। नोटबंदी के चलते पिछले आठ दिनों से कैश न मिलने से परेशान क्षेत्र के गांव कुड़ाना के ग्रामीणों ने गांव में स्थित इलाहाबाद बैंक पर मैनेजर, कर्मचारियों ने बैंक से बाहर निकालकर ताला लगा दिया।
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जिसके बाद ग्रामीण, महिला शामली भौरा मार्ग पर स्थित बिजलीघर पर एक घंटा जाम लगा रहा।
गांव कुड़ाना स्थित इलाहाबाद बैंक में 15 दिन पहले करीब 500 किताबें जमा होने के बाद भी ग्राहकों को कैश नहीं मिला। आठ दिन से बैंक में कैश नहीं आ रहा है, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों ने बैंक मैनेजर और कर्मचारियों को बाहर निकालकर ताला जड़ दिया। शामली-भौरा मार्ग बिजलीघर के सामने एक घंटा जाम लगा रहा।

जिससे सड़कों के दोनों ओर बसों, बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लग गई। ग्रामीणों ने बताया कि सभी किसानों का खाता ज्यादातर इलाहाबाद बैंक में ही है। गन्ने का भी पूरा भुगतान बैंक में आता है। 20 दिनों से बैंक में ग्रामीणों की पासबुक जमा हैं। आठ दिनों से रोज सारा काम छोड़कर बैंकों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन किसी को एक भी पैसा नहीं मिल पाया। जिसके कारण किसान न तो गेहूं का बीज और न ही खाद ला पा रहा है। 10 दिनों से पासबुक जमा नहीं की जा रही है। 
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महिलाओं ने बताया कि घर में शादी है, लेकिन पैसा न होने के कारण कोई खरीददारी नहीं हो पा रही है। रोज सुबह पैसों की उम्मीद लेकर बैंक में जाते हैं, लेकिन वहां से पिछले आठ दिनों से मायूस होकर ही लौटना पड़ रहा है। कोतवाली प्रभारी कुलदीप कुमार ने लोगों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने।

काफी मशक्कत के बाद उन्होंने बैंकों के अन्य अधिकारियों से बात की। वहीं ग्रामीणों से डीएम के सामने अपनी समस्या रखने की बात कहते हुए दो दिन बाद कैश का आश्वासन देकर जाम खुलवाया गया। इस दौरान पूर्व राजेंद्र प्रधान, नरेंद्र कुमार, शालू, रामकुमार, राजकुमार, रविंद्र, सुधीर, नीटू, राजकुमार, सुनील, विपिन, बीरमति, सुनिता, कौशल, आजाद, सतबीर, धर्मबीर, मनोज, राजबीर, बबीता, राहुल आदि रहे।
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