कांधला। शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द करने से क्षुब्ध सैकड़ों शिक्षा मित्रों ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की।
हाईकोर्ट द्वारा समायोजन को रद्द करने से क्षुब्ध सैकड़ों शिक्षा मित्रों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल और जिला उपाध्यक्ष कर्मवीर सिंह के नेतृत्व में बीआरसी भभीसा परिसर में धरना प्रदर्शन कर देश के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की। इस दौरान जिलाध्यक्ष चैनपाल ने कहा हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों के विरुद्ध फैसला एनसीटीई की दलीलों को खारिज किया। जबकि प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों की नियुक्तियों को सहीं मान रही है।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष ने शिक्षा मित्रों से हाथ में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करने की अपील की। इसमें हरेंद्र सिंह, विपुल शर्मा, हरिओम शर्मा, प्रमोद पंवार, लताफत खान, जसबीर, राकेश, वर्षा देवी, प्रतिभा, महमूदा, साजिदा, बबीता, नईम अहमद, मुबारिक, रेखा, रीना, ब्रिजेश, किरण, संयोकता, बिलेंद्र, अरविंद, जगत सिंह, अंजू, नितिन, गोविंद, श्रीपाल, रविंद्र आदि रहे।
झिंझाना ।सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन रद्द होने से क्षुब्ध शिक्षा मित्रों ने ऊन बीआरसी पर बैठक कर इस आदेश के विरोध में सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्णय लिया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को पत्र भेज इच्छा मृत्यु भी मांगी है।
सोमवार को बैठक में शिक्षा मित्र संघ के जिलाध्यक्ष चैनपाल चौधरी ने कहा की उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा शिक्षा मित्रों का सहायक अध्यापक पदों पर समायोजन रद्द करने से एक लाख 72 हजार परिवार सड़क पर आ गए हैं। प्रदेश के 30 शिक्षा मित्रों ने आत्महत्या कर ली है और 34 सौ शिक्षा मित्रों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से इच्छा मृत्यु मांगी है।
उन्होंने कहा की उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में शिक्षा मित्रों को शिक्षक बनाया गया है। संघ के जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रमोद चौहान ने कहा की शिक्षा मित्रो की लडाई को मजबूती के साथ सर्वोच्च न्यायालय में लड़ा जाएगा। बैठक में रताफत खां, अबलीश, अमित, सतीश, लोमेश, तनसीफ अहमद, सुखबीर सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जाकिर अली राणा, चरणसिंह, मीना सिंघल, अरुणा, रेखा रानी आदि शामिल थे।