शामली। शनिवार की मध्यरात्रि से मौसम का मिजाज बदल गया। दो तीन दिन से आसमान में छाए धूल और रेत के कण बारिश के बाद छट गए। मौसम साफ होने के साथ ही प्रदूषण कम हो गया। अलबत्ता आंधी के कारण होर्डिंग्स और बैनर उखड़ गए। शहर और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लगातार चार घंटे तक आंधी चलने के बाद रविवार को बूंदाबांदी हुई। बूंदाबांदी के बाद आसमान में धूल गुबार और रेत के कण हट गए हैं। वहीं, दिन में पछुवा हवाएं चलने से तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली है।
शनिवार की मध्यरात्रि के बाद लगभग दो बजे आंधी चलनी शुरू हो गई। आंधी और बूंदाबांदी से होर्डिंग्स और बैनर उखड़ गए। बिजली के खंभों से तार टूटकर नीचे गिर गए। शहर व ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। रविवार की सुबह छह बजे आंधी के साथ बूंदाबांदी प्रारंभ हो गई।
सुबह 8.30 बजे तक बूंदाबांदी व पछुआ हवाएं चलने से मौसम ठंडा हो गया। पूरे दिन आकाश में बादल छाए रहने और हल्की धूप निकलने से दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस, 65 प्रतिशत आर्द्रता रिकार्ड की गई। 14 किमी प्रति घंटे हवाएं चलने से गर्मी से लोगों का राहत मिली है।
मौसम वैैैज्ञानिकों के मुताबिक अगले दो दिन आकाश में बादल छाए रहेंगे। गरज के साथ छींटे व बूूंदाबांदी हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉक्टर पीके सिंह ने बताया कि शनिवार की रात व रविवार की सुबह आंधी के साथ आई बूंदाबांदी से राजस्थान से उड़कर आई रेत व धूल से भरा गुबार आकाश से पूरी तरह समाप्त हो जाने से प्रदूषण से लोगों को राहत मिली है। उनका कहना कि आंधी से आम की फसलों को भारी क्षति पहुंची है। 19, 20, 21 जून को एक फिर मौसम बिगड़ सकता हैं। बारिश होने की आशंका हैं।
उधर, कैराना में रविवार सुबह अचानक मौसम ने करवट बदली। आकाश में काले बादल छा गए। देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते पारा लुढ़क गया, जिससे लोगों ने गर्मी से राहत महसूस की।