संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। बुधवार को हुई तेज बारिश के चलते यमुना नदी में अचानक जलस्तर बढ़ गया और बहाव तेज हो गया है। इससे शामली जिले के कई गांवों नाई नगला, उदपुर, साहलापुर, सकोती मुस्तफाबाद, भड़ी, लक्ष्मीपुरा आदि में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। वहीं, इस गंभीर स्थिति के बीच एक और विवाद सामने आया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हरियाणा राज्य की ओर से उत्तर प्रदेश की सीमा में अवैध रूप से ठोकरों का निर्माण कराया जा रहा है। यह निर्माण कार्य ग्राम नाई नगला, जाटान की राजस्व भूमि पर किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि हरियाणा द्वारा यमुना नदी में जबरन हस्तक्षेप करना पूर्णतः अवैध है और यह भविष्य में तबाही का कारण बन सकता है।
ग्रामीणों ने कहा कि 2013 में इसी क्षेत्र में यमुना का बांध टूट गया था, जिससे व्यापक नुकसान हुआ था। उस त्रासदी के बाद भी प्रशासन ने कोई स्थायी समाधान नहीं किया और अब जब यमुना फिर उफान पर है, तो हरियाणा की ओर से किए जा रहे निर्माण कार्य स्थिति को और खतरनाक बना रहे हैं।
बृहस्पतिवार को सिंचाई विभाग के जेई महेश कुमार मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने केवल खानापूर्ति की और बिना ठोस कार्रवाई के लौट गए। इससे ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन शामली और उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि वे तुरंत हस्तक्षेप कर हरियाणा द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को रुकवाएं और यमुना नदी के प्राकृतिक बहाव को सुरक्षित रखें, ताकि भविष्य में किसी बड़े संकट से बचा जा सके।