शामली। शहर में निजी बस चालकों ने भाजपा नेता पर अभद्रता करने, धमकी देने और टेंपो चालकों को संरक्षण देने के विरोध में हंगामा करते हुए बस अड्डे पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान बस यूनियन के पदाधिकारियों व संचालकों ने बसों का संचालन बंद कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तब तक बसों का संचालन बंद रखा जाएगा। उधर, बसें न चलने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शामली से कैराना व ऊन मार्ग पर करीब 40 निजी बसों का संचालन होता है। रविवार शाम को बस संचालकों ने कैराना बस अड्डे पर बसों को खड़ी करा लिया और धरने पर बैठ गए। धरने पर बस चालकों ने कहा कि कैराना रोड पर प्राइवेट बसों एवं मुख्यमंत्री ग्राम योजना के तहत संचालित बसों के आगे टेंपो खड़े कर सवारियां भरी जा रही थीं। इसका उन्होंने विरोध करते किया तो टेंपो चालकों से कहासुनी हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता टेंपो चालकों को संरक्षण दे रहे हैं, जिसके चलते बसों में सवारियां नहीं बैठने दी जा रही हैं, जिससे बस संचालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बस यूनियन के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार और योगेंद्र सिंह ने कहा कि टेंपो चालकों के लिए नगरपालिका क्षेत्र के भीतर ही संचालन करने का नियम है, लेकिन इसके बाद भी टेंपो का संचालन कैराना, झिंझाना और बिडौली तक किया जा रहा हैं। उन्होंने एक भाजपा नेता पर बस चालकों से अभद्रता करने व धमकी देने का आरोप लगाया। बस संचालकों ने मांग की कि टेंपो का नियमानुसार निर्धारित रूट पर संचालन किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक नियमों के अनुसार टेंपो संचालन नहीं किया जाएगा, तब तक बसों का संचालन बंद रखा जाएगा। इस दौरान चंद्रपाल, युसुफ, खुर्शीद, बृजपाल, सुरेश, शमीम, फरमान, , राज सिंह, अरविंद कुमार, मनोज कुमार, नौशाद, विक्रम, अनिल, लोकेंद्र, पुष्पेंद्र, सलमान, और तेजपाल आदि मौजूद रहे। उधर, बसों का संचालन बंद होने से यात्री परेशान रहे।
शामली में कैराना बस अड्डे पर धरना प्रदर्शन कर रहे प्राइवेट बस चालक -परिचालकों से वार्ता करते