पाइप लाइन लीकेज हुई तो हो सकता है पेयजल संकट
शामली। मौसम में बदलाव के साथ गर्मी दस्तक दे रही है। गर्मी के मौसम में पेयजल की जरूरत अधिक होती है। शहर में पालिका की पाइप लाइन लीकेज हो जाए तो पूरे शहर को पेयजल के लिए तरसना पड़ सकता है। इसकी वजह शहर में पाइप लाइन की इंटरकनेक्ट होना है।
शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए काका नगर और टंकी रोड पर दो ओवर हैड टैंक और 38 टयूबवेल है। पालिका का दावा है कि शहर में मानक से ज्यादा पेयजल सप्लाई किया जा रहा है। शहर में रोजाना 38 से 40 हजार किलोलीटर पानी की सप्लाई की जा रही है। डेढ़ लाख की आबादी के हिसाब से प्रति व्यक्ति 300 लीटर पानी दिया जा रहा है जबकि मानक के अनुसार 165 लीटर प्रति व्यक्ति की जरूरत होती है, लेकिन शहर में अक्सर पेयजल पाइप लाइन लीकेज की समस्या आती रहती है। इसकी वजह पाइप लाइन पुरानी होना और टयूबवेलों से सीधी सप्लाई होना माना जाता है। पेयजल पाइप लाइन पूरे शहर की एक दूसरे से जुड़ी होने के कारण जब भी पाइप लाइन की मरम्मत करनी पड़ती है तो पूरे शहर की पेय जलापूर्ति बंद होती है। सर्दी के मौसम में पानी की खपत कम होने से काम चल जाता है, लेकिन गर्मी के मौसम में पाइप लाइन लीकेज होने पर नागरिकों को पेयजल के लिए तरसना पड़ सकता है।
इस समस्या के समाधान के लिए अमृत योजना के तहत शहर में छह जोन बनाकर ओवर हैड टैंक निर्माण का प्रस्ताव पिछले साल भेजा गया था, लेकिन शासन से अभी तक प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिली है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है तो जोनवार पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके बाद जिस जोन में पाइप लाइन में समस्या होती है तो उसी जोन की पेयजलापूर्ति बंद की जा सकेगी और बाकी शहर में लोगों को पेयजल मिलता रहेगा।
दो माह में कई बार रही पेयजल आपूर्ति बंद
शामली। दो माह के अंदर कई स्थानों पर पाइप लाइन में बड़े लीकेज होने से पूरे शहर की दिनभर पेयजल आपूर्ति बंद रही। करीब डेढ़ माह पहले टंकी रोड पर पाइप लाइन लीकेज की मरम्मत के लिए दो दिन तक पेयजल आपूर्ति बाधित रही थी। दो माह पहले मोहल्ला रेलपार में पाइप लाइन लीकेज होने पर पूरे दिन जलापूर्ति बंद रही थी। मोहल्ला काका नगर में भी पाइप लाइन में बड़ा लीकेज हुआ था, जिस कारण कई घंटे आपूर्ति बंद कर मरम्मत की गई थी। करीब 15 दिन पहले मोहल्ला बरखंडी में पाइप लाइन लीकेज होने पर कई घंटे पानी की आपूर्ति बंद रही थी।
कोट
शहर में पाइप लाइन एक दूसरे से जुड़ी हुई है। अगर कहीं पर पाइप लाइन लीकेज होती है तो मरम्मत के लिए पूरे शहर की आपूर्ति बंद करनी पड़ती है। अमृत योजना के तहत शहर में छह जोन बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- विशाल तोमर, अवर अभियंता जलकल विभाग नगरपालिका।