दस्तावेजों और सैंपलों की जांच
टीम ने फैक्टरी परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फैक्टरी में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की जानकारी साझा नहीं की जाएगी। फिलहाल टीम दस्तावेजों और सैंपलों की जांच में जुटी हुई है।
ग्रामीणों में चर्चा का माहौल
छापेमारी के बाद ग्रामीणों के बीच तरह तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्टरीमें चावल, चीनी और केमिकल मिलाकर नकली शहद तैयार किया जाता है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि फैक्टरी से निकलने वाला रासायनिक युक्त पानी पास के तालाब में छोड़ा जाता है, जिससे पर्यावरण और पशुओं के स्वास्थ्य पर खतरा बना रहता है। इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायत की जा चुकी है। फिलहाल डीआरआई की टीम जांच में जुटी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा होने की संभावना है।