कैराना। गली में खेल रहे और स्कूल जा रहे बच्चों पर खूंखार कुत्ते ने हमला कर दिया। जिसमें करीब छह बच्चे घायल हो गए। गंभीर हालत के चलते एक बच्ची को हायर सेंटर रेफर किया गया। बाद में गांव के एक युवक ने कुत्ते को तलाश कर डंडों से पीटकर मार डाला।
गांव जहानपुरा में शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे गांव के छोटे बच्चे प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने के लिए जा रहे थे, जबकि कुछ बच्चे अपने घरों के बाहर खेल रहे थे। तभी स्कूल के रास्ते में जंगल की ओर से आए एक खूंखार कुत्ते ने बच्चों के ऊपर हमला कर दिया। जिसमें कक्षा-तीन की छात्रा सात वर्षीय सायमा, कक्षा-चार की छात्रा आठ वर्षीय इंसा, कक्षा-तीन की छात्रा सात वर्षीय दानिस्तां व गली में खेल रहे चार वर्षीय सादिक, चार वर्षीय मुकद्दस और दो वर्षीय मुद्दसिर घायल हो गए।
बच्चों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल बच्चों को कैराना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। जहां पर अन्य बच्चों को प्राथमिक उपचार करने व एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के बाद छुट्टी दे दी गई। जबकि गंभीर हालत के चलते छात्रा दानिस्तां को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया।
खूंखार कुत्ते को पकड़ा कर मौत के घाट उतारा
जैसे ही ग्रामीणों को कुत्ते द्वारा बच्चों को घायल करने की जानकारी मिली, तभी गांव जहानपुरा निवासी भूरा खान ने कुत्ते की तलाश शुरू कर दी। भूरे ने बताया कि कुछ ही देर बाद कुत्ता गांव के बाहर घूमता मिल गया। जिसके बाद उसने डंडों से पीटकर उसको मार डाला।
खूंखार बंदरों के बाद अब कुत्ते बने मुसीबत का सबब
पिछले दिनों कैराना नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खूंखार बंदरों का आतंक था। कई माह पहले मोहल्ला आलकलां निवासी भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा देवी पर भी खूंखार बंदरों ने हमला कर दिया था। बंदरों के हमले से बचने की कोशिश में महिला की छत से नीचे गिर कर मौत हो गई थी। उस दौरान डीएम जसजीत कौर ने नगर पालिका प्रशासन को बंदरों को पकड़ने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद मुजफ्फरनगर से बुलाई गई बंदरों को पकड़ने की टीम ने कई दर्जन बंदरों को पकड़कर जंगलों में छोड़ा था। अब खूंखार बंदरों के बाद खूंखार कुत्ते लोगों की मुसीबत का सबब बने हुए हैं। दिन पर दिन मोहल्लों व गांव की गलियों में घूमने वाले आवारा कुत्ते किसी भी समय मासूम बच्चों या बड़े व्यक्तियों पर हमला कर काट देते हैं। लोगों ने खूंखार कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है।