शामली। कोरोना के खिलाफ जंग में शहर के डाक्टर दंपती भी सेवाभाव से जुटे हुए हैं, जो गांवों में गरीब परिवारों तक मदद पहुंचा रहे वे दो गांव रामगढ़ और गोहरनी को गोद लेकर साफ-सफाई से लेकर ग्रामीणों की चिकित्सा और राशन की सुविधा उपलब्ध कराने में जुटे है। उनका कहना है कि गरीबों की सेवा करना मानव का सबसे बड़ा धर्म है।
बुढ़ाना रोड पर निजी अस्पताल चलाने वाले आयुष विभाग के जनरल फिजिशियन डा. रीतिनाथ शुक्ला और महिला रोग विशेषज्ञ डा. नीलम शुक्ला कई साल से समाज सेवा से जुड़े है। करीब 16 साल से ग्रामीण क्षेत्रों में वे अब तक 500 निशुल्क चिकित्सा कैंप लगा चुके हैं। डेढ़ माह पहले राज्य सरकार की तरफ से उन्हें विशिष्ट सेवा सम्मान से पुरस्कृत किया जा चुका है।
डा. रीतिनाथ शुक्ला ने बताया कि लॉकडाउन में अस्पताल में इमरजेंसी सेवा 24 घंटे सेवा के साथ सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक ओपीडी चला रहे है। उन्होंने गांव रामगढ़ और गोहरनी को गोद लिया है। लॉकडाउन में प्रशासन से अनुमति लेकर उन्होंने अस्पताल के स्टाफ के साथ गांवों में गरीब परिवारों को सैनिटाइजर, मास्क, दवा और जरूरतमंदों को राशन का वितरण किया है। इसके साथ ही शहर में भी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवारों को भोजन, राशन, और मास्क का का वितरण करा रहे है। साथ ही बीमार लोगों की जांच कर उन्हें दवा भी उपलब्ध करा रहे है।