शामली। यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कार्यकाल बढ़ने को लेकर गांवों में चर्चाएं तेज हो रही हैं। ग्राम पंचायत चुनाव समय पर होंगे या छह माह टल जाएंगे या प्रशासक नियुक्त होंगे। इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों से बातचीत हुई तो उनका कहना है कि सरकार को जो भी फैसला होगा वह मान्य है, लेकिन अगर छह माह चुनाव टलते है तो ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए। पेश है एक रिपोर्ट...।
सरकार के निर्णय का स्वागत करेंगे
पंचायत चुनाव को लेकर सरकार जो भी निर्णय लेगी, उसी का पालन किया जाएगा। अगर समय पर पंचायत चुनाव होते है तो उसका भी स्वागत किया जाएगा। - संतोष देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष।
ग्राम प्रधान ही प्रशासक के तौर पर नियुक्त हो
ग्राम पंचायत के चुनाव अगर छह माह टाले जाते हैं तो किसी अधिकारी को प्रशासक नियुक्त न करके ग्राम प्रधान को ही प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया जाना चाहिए। गांव की समस्याओं का समाधान प्रधान आसानी से हल कर सकता है और करा सकता है। एक अधिकारी पर कई गांव की जिम्मेदारी होगी तो ग्रामीणों की समस्याएं तत्परता से हल होने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए ग्राम प्रधान को ही जिम्मेदारी दी जानी चाहिए। - राजीव शास्त्री प्रदेश सचिव, अखिल भारतीय प्रधान संगठन।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए
कोरोना काल में गांव के विकास कार्य बाधित हुए हैं। बजट भी समय पर नहीं मिल सका, जिससे कुछ विकास कार्य अधूरे रह गए हैं। पंचायत चुनाव के अगर छह माह टाले जाते है तो प्रशासक नियुक्त न करके अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाना चाहिए। - अश्वनी उर्फ पिंटू ग्राम प्रधान सिंभालका।