कैराना क्लीनिक को बंद करती स्वास्थ्य विभाग की टीम
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कैराना (शामली)। कस्बे में सराय के निकट किसी अन्य के रजिस्ट्रेशन पर चल रहे क्लीनिक पर एसीएमओ ने छापा मारा। छापे में गड़बड़ी मिलने पर क्लीनिक को सील कर दिया।
बुधवार सुबह एसडीएम डॉक्टर अमित पाल शर्मा ठेली वालों के लिए सराय की भूमि पर चल रहे इंटर लाकिंग के कार्य को देखने पहुंचे थे। इस दौरान वे सराय की गली में एक क्लीनिक पर पहुंच गए। क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. एमके बीएएमएस लिखा था, जबकि बोर्ड पर ही दूसरी जगह केसर अली लिखा था। एसडीएम ने क्लीनिक चला रहे डॉक्टर से नाम पूछा तो उसने अपना नाम केसर अली बताया। एसडीएम को क्लीनिक के रजिस्ट्रेेशन को गड़बड़ी की आशंका हुई। सूचना पर एसीएमओ डॉक्टर अशोक हांडा और तहसीलदार रनबीर सिंह क्लीनिक पर छापा मारा। जहां केसर अली नहीं मिले। क्लीनिक पर डाक्टर मनोज बैठे हुए मिले। एसीएमओ को डॉक्टर ने रजिस्ट्रेशन के कागज तो दिखा दिए, लेकिन बोर्ड पर केसर अली का नाम और एसडीएम के आने के दौरान क्लीनिक पर केसर अली के बैठे मिलने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
इसके बाद कार्रवाई करते हुए एसीएमओ ने क्लीनिक को सील कर दिया। मामले में एसडीएम डाक्टर अमित पाल शर्मा ने बताया कि सुबह क्लीनिक पर केसर अली नाम के व्यक्ति प्रेक्टिस करते मिला था। प्रारंभिक जांच में डाक्टर मनोज के रजिस्ट्रेशन पर अवैध तरीके से क्लीनिक चलाने का मामला सामने आया है। क्लीनिक सील करने के साथ ही एसीएमओ की तरफ से एफआइआर दर्ज कराई जाएगी। इस संबंध में क्लीनिक संचालक मनोज ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
क्या कर रहा था स्वास्थ्य विभाग
इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठता है। सवाल है कि एसडीएम की नजर में ये मामला आ गया, लेकिन स्वास्थ्य विभाग क्या कर रहा था। ये कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के अधिकार क्षेत्र में है, फिर भी विभाग की नजरों में ये क्यों नहीं आई।