शामली। जिला पंचायत में पांच साल से पूरा बजट खर्च नहीं हो रहा है। कभी सदस्यों व अध्यक्ष में खींचतान होती रही तो कई बार कार्य योजना तक नहीं बन सकी। इसलिए अब आखिरी साल में 11 करोड़ रुपये खाते में एकत्र हो गए हैं। एक साल बाद पंचायत चुनाव होने हैं और ऐसे में अध्यक्ष व अधिकारी बजट खर्च करने को जोर लगा रहे हैं। मगर बजट खर्च करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
उधर, विभागीय अधिकारी सड़कों के निर्माण का दावा कर रहे हैं मगर थानाभवन, ऊन क्षेत्र में विभाग टूटी सड़कों पर ध्यान नहीं दे रहा। दरअसल, जिला पंचायत का वार्षिक बजट करीब 15 करोड़ रुपये है। इस धनराशि से जिले के 19 वार्डों में विकास कार्य कराए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर यदि नजर डालें तो जिला पंचायत में पूरा बजट खर्च नहीं हो पा रहा है। अब जिला पंचायत के पास 11 करोड़ से अधिक रुपये जमा हो गए हैं। वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष मधु गुर्जर हैं।
जून से लेकर अक्तूबर माह तक जिला पंचायत अध्यक्ष मधु, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान के बीच रार भी चली थी। जिसके कारण विकास कार्य नहीं हो सके और बोर्ड की कोई बैठक नहीं हो सकी थी। मधु ने मनीष पर कार्यों में हस्तक्षेप का आरोप लगाया था। जबकि मनीष पक्ष ने अन्य नेताओं के कहने पर अध्यक्ष पर इस तरह के आरोप लगाने की बात कही थी। बाद में दोनों पक्षों में सुलह हो गई थी। रार के दौरान जिला पंचायत क्षेत्र में न तो टेंडर छोड़े गए न ही विकास कार्य कराए जा सके थे।
ऐसा भी रहा कि वर्ष 2024-25 में कार्य योजना को मंजूरी तक नहीं मिल सकी। कार्य योजना को मंजूरी मिले बिना बजट खर्च नहीं किया जा सकता है। इस तरह पांच साल में पूरा बजट नहीं खर्च होने से अब जिला पंचायत के खाते में 11 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हो गए हैं। वहीं अब चुनावी साल भी शुरू हो गया है और वित्तीय वर्ष के साथ ही अध्यक्ष का कार्यकाल खत्म हो जाएगा।
इस तरह बजट खर्च करने के लिए केवल एक साल बाकी है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब चार साल में बजट खर्च करने के लिए अध्यक्ष व अधिकारी जूझते रहे तो अब एक साल में इतना बजट कैसे खर्च कर सकेंगे। इस जुगत में अध्यक्ष और विभागीय अधिकारी लगे हुए हैं।
- इन्होंने कहा...
विकास कार्यों को लेकर कोई कोताही नहीं बरती जा रही। पांच माह रार के दौरान जरूर थोड़ा कार्य प्रभावित रहा। 11 करोड़ में जिला पंचायत की आय की संपत्ति की भी शामिल है। ज्यादातर विकास कार्यों के टेंडर हो चुके हैं। जल्द ही काम शुरू करा दिए जाएंगे। - नईम अख्तर, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत शामली
- केवल चार करोड़ ही खर्च
जिला पंचायत के खाते में भले ही 16.033 करोड़ रुपये पड़े हो, लेकिन वित्तीय वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें तो हाल ही सिर्फ 4.284 करोड़ रुपये ही खर्च हुए। इसमें अधिकारियों और कर्मियों के वेतन के अलावा कुछ छोटे टेंडर शामिल हैं। इस स्थिति में साल के अंत तक कैसे बजट खर्च हो सकेगा, विभागीय अधिकारी इसी उधेड़बुन में लगे हैं।
जिला पंचायत के खाते में जमा बजट का पिछले पांच साल का ब्योरा
वर्ष जमा बजट खर्च बजट
2025-26 16.033 करोड़ 4.284
2024-25 33.488 19.265
2023-24 31.621 20.166
2022-23 33.86 19.265
2021-22 42.47 27.71
नोट: ब्योरा ई स्वराज पोर्टल से लिया गया है।
- इस साल कराए जा चुके 117 से अधिक विकास कार्य
जिला पंचायत के अधिकारियों के अनुसार, इस साल सड़कों से लेकर नाला सड़क, गोशाला मरम्म्त समेत 117 से अधिक विकास कार्य कराए गए हैं।
पड़ताल के दौरान उखड़ी मिलीं सड़कें,जलभराव
स्थान : खेड़की गांव
यहां पर जिला पंचायत द्वारा सड़क बनवाई गई थी, जो अब जगह-जगह से टूटी हुई है। साथ ही जलभराव भी हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार मांग के बावजूद सड़क नहीं बनवाई जा रही।
स्थान : लतीफगढ़ के पास सड़क का निर्माण
सड़क काफी समय से नहीं बनी है, जिसके कारण जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बिट्टू सैनी, देवेंद्र कुमार, तेजपाल, महेंद्र, सुरेश का कहना है कि कई बार सड़क निर्माण की मांग की जा चुकी है मगर सुनवाई नहीं हुई।
झिंझाना मोहल्ला सलारा में टूटी सड़क। संवाद
झिंझाना मोहल्ला सलारा में टूटी सड़क। संवाद