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हरियाणा में टिड्डी दल हमले के बाद जिला प्रशासन चौकन्ना

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हरियाणा में टिड्डी दल हमले के बाद जिला प्रशासन चौकन्ना
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शामली। हरियाणा के गुरुग्राम और सोनीपत जिलों में टिड्डी दल के हमले के बाद जिले का कृषि विभाग चौकन्ना हो गया है। जिले के कृषि विभाग के अफसरों ने किसानों से अपने अपने खेतों की सुबह शाम निगरानी करने के सुझाव दिया है।
गुरुग्राम में टिड्डी दल के हमले के बाद सोनीपत में हरियाणा सरकार द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। जिसके बाद जिले का कृषि विभाग चौकन्ना हो गया है। कृषि विभाग ने टिड्डी दल से बचाव के लिए ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत विभाग स्तर की टीम को अलर्ट कर दिया है। जिले के कृषि विभाग के पास टिड्डी रक्षा रसायन एक हजार लीटर रिजर्व में है। 40 लीटर टिड्डी रक्षा रसायन उपलब्ध है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास कुमार ने जिले के किसानों से अनुरोध किया है कि वह अपने-अपने खेतों की सुबह शाम निगरानी करे, ताकि समय रहते टिड्डी दल के हमले से रोका जा सके। टिड्डी दल का प्रकोप दिखाई देने पर तत्काल इन नंबरों 01398-253100 अथवा 9759757319 पर कॉल कर जिला कृषि रक्षा कार्यालय पर सूचना दे सकते है। उन्होंने बताया कि पटाखे, टिन के डिब्बे बजाकर टिड्ड़ियों को गाया जा सकता है।
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-बचाव के सुझाव दिए
टिड्डी दल के अधिक प्रकोप होने पर मेलाथियान 50 प्रतिशत ईसी की ढाई लीटर मात्रा या थायोमिथोक्साम 25 प्रतिशत डब्लू जी की 100 ग्राम या इमिडाक्लोप्रिड की 17.8 एसएल 300 मिलीलीटर या क्यूनालफॉस 25 प्रतिशत इसी की 1.5 लीटर या क्लोरोपीरिफॉस 20 ईसी की 1.5 लीटर मात्रा को 500 से 700 लीटर पानी में घोल कर प्रति हेक्टेयर छिड़काव कर सकते है। जिससे कि टिड्डी दल से फसलों में होने वाले संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।
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- टिड्डी दल से नुकसान होने वाली फसलें
शामली। टिड्डी दल से गन्ना, धान, ज्वार, मक्का, उड़द, मूंग फसलों, फलों, पेड़ों की हरियाली को नुकसान पहुंचाते हैं। यूपी के जिलों में 40 साल पहले वर्ष 1980 में टिड्डी दल का हमला हुआ था।
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