शामली। 30 अक्तूबर से शुरू होने वाले चीनी मिलों के नए पेराई सत्र की तैयारी के मद्देनजर गन्ना विभाग ने एक लाख 15 हजार किसानों को कच्चे कलेंडरों का वितरण कर दिया गया है। शुक्रवार को शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय में छह दिवसीय किसान मेला शुरू हो गया। पहले दिन किसानों ने गन्ना आपूर्ति, क्षेत्रफल, किसानों का गन्ना कोड, चीनी मिल के खरीद केंद्र, तीस सितंबर तक सदस्य बनाए जाने वाले किसानों ने लाइन में लगकर रसीद कटवाई।
शुक्रवार सुबह दस बजे शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय में छह दिवसीय स्तरीय किसान मेला शुरू हो गया। किसान मेले का शुभारंभ जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कच्चे कलेंडर गलत होने पर समिति स्तरीय मेलों मे किसान संशोधन करा सकता है। किसानों के सर्वे सट्टा आदि में सुधार हेतु अंतिम अवसर है। बाद में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। किसान मेले में समिति के सर्किलवार 15 काउंटर लगाए गए हैं। काउंटरों पर शामली और थानाभवन मिल के सुपरवाइजरों को किसानों के संशोधन के लिए लिए काउंटरों पर बैठाया गया था।
शामली गन्ना सहकारी समिति के प्रभारी सचिव मुकेश कुमार राठी ने बताया कि पहले दिन मेले में 750 किसानों ने गन्ना आपूर्ति, क्षेत्रफल, किसानों का गन्ना कोड, चीनी मिल के खरीद केंद्र, तीस सितंबर तक सदस्य बनाए जाने वाले किसानों ने रसीद कटवाई। इस मौके पर उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, संचालक संजीव कुमार, सतेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। जिला गन्नाअधिकारी विजय बहादुुर सिंह ने बताया कि कच्चे कलेंडरों का गत 12 सितंबर से समिति क्षेत्रों के एक लाख 15 हजार किसानों को वितरण शुरू कर दिया गया था। सभी किसानों को कच्चे कलेंडर वितरित किए जा चुके हैं। जिले की चीनी मिलों का पेेेराई सत्र शुरू होने से सात दिन पूर्व किसानों को पक्का कलेंडर वितरित कर दिया जाएगा। 23 अक्तूबर तक सभी चीनी मिलो के पक्के कलेंडर वितरित कर दिए जाएंगे। --------
क्या है कच्चा कलेंडर
किसानों का बेसिक कोटा का विवरण, किसान का यूनिक कोड, मोबाइल नंबर, गन्ना सर्वे का आंकड़ा, कृषिभूमि, पेडी और पौधा, अगेती, सामान्य, पछैती प्रजाति का रकबा, किसान का कोड गांव कोड आदि शामिल हैं।