शामली। दिव्यांग छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। दिव्यांग बालिकाओं को एक साल में दो हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इसके लिए उन्हें मेडिकल बोर्ड या सक्षम चिकित्साधिकारी से बना 40 फीसदी दिव्यांगता का प्रमाणपत्र देना होगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में करीब 1500 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। दिव्यांगता के कारण इन विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्कूल आने-जाने में भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। विभाग इन विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है। इस क्रम में समग्र शिक्षा अभियान के तहत समेकित शिक्षा में दिव्यांग बालिकाओं के लिए वृत्तिका स्टाइपेंड योजना चल रही है। इसका उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई के प्रति करना है।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाली कक्षा एक से आठ तक की दिव्यांग छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। शिक्षकों द्वारा दिव्यांग छात्राओं को चिह्ति किया जाएगा। इन छात्राओं को एक साल में 2000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। बीएसए लता राठौर का कहना है कि दिव्यांग छात्राओं को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के यह योजना चलाई जा रही है।