शामली। कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) की जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक में नियमानुसार गठन की प्रक्रिया एवं संचालन आदि के विषय में विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। बैठक में (एफपीओ) मत्स्य विभाग से आवंटित तालाब व जल क्षेत्र में एफपीओ को शामिल किए जाने और बासमती चावल की नमी टेस्टिंग में आ रही कठिनाईयों से अवगत कराया। औषधीय पौधों की खेती पर भी कार्य करने पर चर्चा की।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम जसजीत कौर की डीएम जसजीत कौर ने एफपीओ को उच्च कोटि के उत्पाद तैयार करने का सुझाव दिए। जिससे उनके उत्पादों को अच्छी मार्केटिंग उपलब्ध हो सके। उन्होंने सीबीबीओ के प्रतिनिधि के क्रियाकलापों पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में इनके सही तरीके से काम नहीं किया जाता है तो इनके स्थान पर अन्य किसी को नियुक्त करने का प्रस्ताव कराए जाए। उन्होंने एफपीओ को आगे बढ़ने के लिए कृषि विभाग के मार्गदर्शन में गुड एवं सब्जी से आगे बढ़कर किसी नए क्षेत्र में भी कार्य करने पर जोर दिया।
इस मौके पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा कि सभी एफपीओ को प्रशिक्षण देने की आवश्यकता है ताकि सदस्यों के अंदर विश्वास पैदा हो सके। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हरित कुमार ने फल, सब्जियों, जैविक गुड़ शक्कर आदि का एक जनपद एक उत्पाद में पंजीकरण कराने तथा एफपीओ को 10 प्रतिशत कैपिटल की व्यवस्था स्वयं करने पर जोर दिया।
उप कृषि निदेशक डॉ. शिव कुमार केसरी ने सभी एफपीओ से आग्रह किया कि एफपीओ से जोड़े गए सदस्यों की सूची कार्यालय को उपलब्ध कराएं। कहा योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इस योजना को एक जिला एक उत्पाद से भी जोड़े जाने की आवश्यकता है। बैठक में मुख्य रूप से मडी समिति सचिव अरूण कुमार, उपसभागीय अधिकारी कृषि अमित कुमार, जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. हरी शंकर, पशुचिकित्साधिकारी डॉ. सुबोध कुमार, एआर कापरेटिव राजवीर सिंह मौजूद रहे।