चौसाना। क्षेत्र के खोड़समा सहित तीनों गांवों के जंगल में गेहूं की फसल में भीषण आग लग गई, जिसमें डेढ़ दर्जन किसानों की लगभग 300 बीघा फसल जलकर राख हो गई। पीड़ितों ने मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ऊन ब्लाक के गांव खोड़समा में लस्कर पुत्र चढ़त सिंह के गेहूं के एक खेत में आग लग लगी। तब हवा भी तेज चल रही थी, जिस कारण हवा से साथ उड़ी चिंगारियों ने आसपास के सभी खेतों में आग फैला दी। इनके पास बल्लामाजरा और टोडा गांव के किसानों के खेत हैं। देखते ही देखते आग चारों तरफ फैल गई। वहीं, पास के खेतों में गेहूं की फसल कटाई करा रहे किसानों को जब आग का पता चला, तो अफरा तफरी मच गई।
किसानों ने गांव में पहुंचकर धार्मिक स्थलों से मुनादी कराकर आग के बारे में ग्रामीणों को जानकारी दी। इसके बाद हर किसान अपने खेत देखने के लिए मौके की तरफ दौड़ पड़ा। किसानों ने ट्रैक्टर और टीलर आदि संसाधनों का प्रयोग कर फसल को आग से बचाने का प्रयास किया।
चौसाना पुलिस चौकी से हल्का इंचार्ज एसआई अनंगपाल मौके पर पहुंचे, लेकिन गाड़ी में बैठे बैठे ही आग की जानकारी लेकर लौट गए। वहीं, प्रशासन की ओर से कानूनगो को दो सदस्य टीम के साथ मौके पर भेजा गया। किसानों ने शासन- प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। शाम को करीब साढे़ पांच बजे तहसीलदार ऊन मदनलाल राठौर ने भी आग से जले खेतों में पहुंचकर किसानों से बात कर नुकसान का जायजा लिया।
मुआवजे की दरकार
किसान पिछले कई वर्षों से सूखे व प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहे हैं। जिससे किसानों को घर की जरूरत को पूरा करने के भी लाले पड़ रहे हैं, जिससे किसान दिन प्रतिदिन कर्ज में डूबता जा रहा है। ऐसे हालात में गेहूं की फसल जल जाने से किसानों पर मुसीबत का पहाड़ टूट गया है। किसानों को आशा है कि प्रशासन की तरफ से आर्थिक मुआवजा दिलाया जाए, ताकि उन्हें कुछ राहत मिल सके।
जलती फसल देख फफक पड़े किसान
खेतों में आग लगने पर जब किसान अपने परिजनों के साथ मौके पर पहुंचे, तो उनका कलेजा कांप गया। क्योंकि खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह राख हो चुकी थी। कई किसान तो वहीं माथा पकड़ कर बैठ गए और फूट फूटकर रोने लगे।