बढ़ाई गई जीएसटी की दरों के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग
शामली। पउप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के आह्वान पर प्रदेश भर के सभी जिलों में व्यापारियों ने कपड़े, जूते व स्टेशनरी पर जीएसटी की दर पांच प्रतिशत से 12 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का विरोध किया। व्यापारियों ने अपने जिलों में डीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर बढ़ी दरें वापस लेने की मांग की।
प्रदेशाध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग के नेतृत्व में जिले के व्यापारियों ने कलक्ट्रेट में जाकर डीएम जसजीत कौर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा कि व्यापारियों पर पहले नोट बंदी फिर जीएसटी थोपी गई। इसके बाद देश का व्यापारी कोरोना संक्रमण के कारण संकट झेल रहा है। कोरोना काल में लगे लॉकडाउन के कारण व्यापारियों की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, सरकार ने किसी भी प्रकार की राहत की घोषणा नहीं की है।
ऊपर से कपड़े, जूते व स्टेशनरी जैसी आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी की दरें बढ़ाकर व्यापारियों के साथ सरासर अन्याय किया जा है। जीएसटी बढ़ने से महंगाई बढ़ेगी। ज्ञापन में चेतावनी दी कि संगठन की कार्यकारिणी इस बढ़ी दरों के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। यदि इस पर निर्णय नहीं लिया गया, तो मुरादाबाद में 26 दिसंबर को प्रांतीय चुनावी सम्मेलन में बढ़ी हुई जीएसटी की दरों के विरोध में बड़ा निर्णय लिया जाएगा। डीएम को ज्ञापन देने वालों में प्रदेश संगठन महामंत्री सुभाष चंद धीमान, जिलाध्यक्ष सूर्यवीर सिंह, नगर अध्यक्ष, नरेंद्र अग्रवाल, नगर महामंत्री रवि संगल, नगर कोषाध्यक्ष महेश धीमान, नगर संगठन महामंत्री अनुज गोयल, राजेश जैन बैनी, वैभव गोयल, आशु पुरी, पंकज वालिया, मनोज मित्तल, शिवांक गर्ग, माजिद मलिक, सुशील गर्ग आदि उपस्थित रहे।