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Shamli News: गन्ना मूल्य भुगतान में देरी पर ऊन और थानाभवन मिलों के खरीद केंद्रों में कटौती

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संवाद न्यूज एजेंसी
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शामली। एक सप्ताह की लंबी बैठकों और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के बाद लखनऊ मुख्यालय स्थित गन्ना आयुक्त कार्यालय ने जिले की तीनों चीनी मिलों को गन्ना खरीद केंद्रों का आवंटन कर दिया है। इस बार गन्ना भुगतान में पिछड़ने वाली ऊन और थानाभवन चीनी मिलों के खरीद केंद्रों में कटौती की गई है, जबकि समय पर भुगतान करने वाली शामली चीनी मिल को पांच नए खरीद केंद्रों का इनाम मिला है।
नए पेराई सत्र 2024-25 के लिए शामली मिल को 29, थानाभवन मिल को 75 और ऊन चीनी मिल को 89 खरीद केंद्र आवंटित किए गए हैं। गन्ना आयुक्त कार्यालय की इस सूची में सबसे ज्यादा कटौती थानाभवन चीनी मिल के हिस्से में आई है। गौरतलब है कि पिछले पेराई सत्र में शामली चीनी मिल के पास 23 खरीद केंद्र और एक मिल गेट, ऊन चीनी मिल के पास 91 खरीद केंद्र, जबकि थानाभवन मिल के पास 79 खरीद केंद्र आवंटित किए गए थे। गन्ना आयुक्त ने ऊन और थानाभवन मिलों में गन्ना भुगतान पिछड़ने पर इस बार केंद्रों की संख्या घटा दी है।
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गन्ना आयुक्त लखनऊ ने 12 से 20 अक्तूबर तक सभी गन्ना उपायुक्तों और जिला गन्ना अधिकारियों की रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद यह अंतिम सूची जारी की। जिले की तीनों चीनी मिलों को मिलाकर कुल 193 गन्ना खरीद केंद्र आवंटित किए गए हैं। इनमें शामली को 29, थानाभवन को 75 और ऊन को 89 केंद्र मिले हैं। डीसीओ रंजीत सिंह कुशवाहा ने बताया कि गन्ना आयुक्त की ओर से केंद्र आवंटन की सूची प्राप्त हो गई है। उन्होंने कहा कि ऊन और थानाभवन चीनी मिलों को कोई नया खरीद केंद्र नहीं मिला है, क्योंकि उनका गन्ना भुगतान पिछड़ गया था। वहीं शामली चीनी मिल को पांच नए केंद्र इसलिए मिले हैं, क्योंकि पिछले सत्र में उसने 14 दिनों के भीतर गन्ना भुगतान पूरा किया था।
इस बार शामली मिल को मिले पांच नए केंद्रों में एक केंद्र भैसाना क्षेत्र से, दो केंद्र ऊन क्षेत्र से और दो केंद्र थानाभवन क्षेत्र से स्थानांतरित किए गए हैं। इससे शामली मिल के गन्ना आपूर्ति क्षेत्र में बढ़ोतरी होगी।
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किसानों का कहना है कि सरकार को उन चीनी मिलों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए जो भुगतान में देरी करती हैं। इससे एक तरफ जहां समय पर भुगतान करने वाली मिलों को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं अन्य मिलों पर अनुशासन बना रहेगा।
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