कोविड अस्पताल में मरीजों को देखते डा. रीतिनाथ शुक्ला।
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शामली। शहर में एक प्राइवेट अस्पताल संचालित करने वाले एक चिकित्सक दंपती ऐसा भी है, जो कोरोना महामारी में गरीबों की सेवा करने में दिन रात लगा है।
एक पैर का फ्रैक्चर होने के बावजूद डॉक्टर रीती नाथ शुक्ला ने शामली शहर में वाकर की सहायता से लगातार दो महीने तक घर-घर जाकर कोरोना की सैंपलिंग एवं टेस्टिंग का काम किया। अवकाश लिए बिना रोटरी क्लब के अध्यक्ष के रूप में मलिन बस्तियों में शुद्ध जल एवं आवश्यक वस्तुओं का अपनी टीम के साथ लगातार वितरण किया।
फिलहाल डॉ. रीतिनाथ शुक्ला छह महीनों से कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर डीएम ऑफिस में रात्रि आठ बजे से लेकर सुबह आठ बजे तक कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्नी डॉ. नीलम शुक्ला कोरोना काल में लगातार एक वर्ष से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व परियोजना के तहत गर्भवती महिलाओं का इलाज लांक गांव में निशुल्क कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण के अभियान में गांव-गांव जाकर महिलाओं के उत्थान हेतु निशुल्क कार्य कर रही हैं। उत्कृष्ट कार्य हेतु जिलाधिकारी जसजीत कौर एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा दंपती डाक्टर को कई बार सम्मानित किया है।