शामली के कांधला के गांव सुन्ना निवासी गुड़िया हत्याकांड में पुलिस ने गांव की ही एक महिला को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। इसको लेकर ग्रामीणों में गुड़िया के परिजनों के खिलाफ रोष बना हुआ है। बृहस्पतिवार को गांव में पंचायत हुई, जिसमें लोगों ने गुड़िया के परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लेने का दावा किया गया है।
कांधला थाना क्षेत्र के गांव सुन्ना निवासी हरेंद्र की बेटी गुड़िया (तीन) 19 सितंबर को अपने भाई के साथ गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में गई थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। 20 सितंबर को गुड़िया का शव कृष्णा नदी में पड़ा मिला था। पिता हरेंद्र की ओर से अज्ञात में हत्यारोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने 26 दिसंबर को सुन्ना गांव निवासी उर्मिला पत्नी विजयपाल को हत्याकांड में आरोपी मानते हुए गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा किए गए खुलासे पर ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं।
इसी सिलसिले में बृहस्पतिवार अपराह्न चार बजे गांव के प्राथमिक विद्यालय के पास पंचायत हुई। पंचायत की अध्यक्षता कर रहे शोरण सिंह ने कहा कि गुड़िया के परिजनों ने अधिकारियों को गुमराह करके उर्मिला को झूठा फंसाया है। उर्मिला का इस वारदात से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने भी गंभीरता से जांच किए बगैर ही महिला को जेल भेज दिया।
ग्रामीणों ने पंचायत के माध्यम से निर्णय लिया कि ऐसे परिवार का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए, जिस पर पंचायत में मौजूद लोगों ने सहमति जताई। पंचायत में पांच लोगों की समिति भी बनाई गई जो पुलिस अधिकारियों से मिलकर मामले की जानकारी देंगें और गिरफ्तार महिला को रिहा कराने की मांग करेंगे। पंचायत का संचालन महिपाल सिंह ने किया। इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तरसपाल मलिक, रवि चंद, देवेंद्र, बिट्टू, श्रीपाल और राजकुमार आदि मौजूद रहे।