Shamli News: दोनों दोस्त बाइक खड़ी करके बातें कर रहे थे। तभी लकड़ी से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली का अगला हिस्सा आगे से उठा और हथौड़े की तरह दोनों दोस्तों पर आकर गिरा। आक्रोशित ग्रामीणों ने चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर जाम लगा दिया।
बिडौली-चौसाना मार्ग पर हरीनगर गांव में मंगलवार देर रात साढ़े 11 बजे ट्रॉली से लकड़ी लेकर जा रहे ट्रैक्टर का आगे का हिस्सा उठा और सड़क किनारे खड़े बाइक सवार दो दोस्तों लोकेश (19) व अब्दुल समद (18) के ऊपर गिर गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली को मौके पर छोड़कर भाग गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मार्ग पर जाम लगा दिया। सीओ कैराना ने कार्रवाई व आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
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झिंझाना थानाक्षेत्र के गांव उदपुर निवासी लोकेश पुत्र जगदीश और अब्दुल समद पुत्र इदरीश मंगलवार देर रात गांव हरीनगर में किसी काम से आए थे। दोनों सड़क किनारे अपनी बाइक के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान चौसाना की ओर से लकड़ी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली बिडौली की तरफ आ रही थी। ट्रॉली में लकड़ी क्षमता से अधिक भरी होने के कारण ट्रैक्टर का अगला हिस्सा अचानक उठा और दोनों युवकों के ऊपर जा गिरा। दोनों युवकों की मौके ही मौत हो गई। चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर ही छोड़कर भाग गया।
हादसे की जानकारी मिलने पर ग्रामीण और परिजन भी मौके पर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीणों ने मार्ग जाम कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने का प्रयास किया। ग्रामीण आरोपी चालक की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग पर अड़ गए। करीब एक घंटे बाद सीओ कैराना हेमंत कुमार मौके पर पहुंचे।
सीओ ने ग्रामीणों को आरोपी चालक को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने और मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव में दो दोस्तों की मौत होने से गांव में शोक छाया हुआ है। सीओ कैराना का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर ट्रैक्टर चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।
पिता की मौत के बाद परिवार का सहारा था लोकेश
लोकेश पांच भाइयों में चौथे नंबर का था। उसका बड़ा भाई संजीव कुमार गांव में चौकीदार है। लोकेश टेलर का काम करता था। पिता की करीब 10 वर्ष पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपनी मां और छोटे भाई के साथ रहकर सिलाई का काम करते हुए परिवार के पालन-पोषण में सहयोग कर रहा था।
बड़े भाई की तरह सेना में भर्ती होना चाहता था समद
अब्दुल समद तीन भाइयों में मझला था। उसके बड़े भाई मोहम्मद शमी का इसी वर्ष अग्निवीर योजना के तहत सेना में चयन हुआ था। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वह लद्दाख में तैनात हैं। अब्दुल समद इंटर की पढ़ाई पूरी करने के बाद अपने बड़े भाई की तरह सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए वह तैयारी कर रहा था। उनके पिता इदरीश गांव में खेती करते हैं और छोटे किसान हैं।