फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधुनिक भारत के चिंतक, समाजसुधारक थे महर्षि दयानंद

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाई स्कूल और सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
विज्ञापन

शनिवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल शामली में प्रधानाचार्य संजय सैनी और आचार्य सुनील कुमार ने मां सरस्वती और स्वामी दयानंद सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन किया। प्रमुख वक्ता आचार्य राजीव शर्मा ने बताया कि स्वामी दयानंद बचपन से ही बड़ी कुशाग्र बुद्धि के थे। उन्हें ढोंग स्वीकार नहीं था। प्रधानाचार्य संजय सैनी ने बताया स्वामी दयानंद जाति प्रथा, बाल विवाह का विरोध करते थे और स्त्रियों के उत्थान और पुनर्विवाह का उन्होंने समर्थन किया। आचार्य शिवकुमार धीमान और संगीत आचार्य सोमदत्त शर्मा ने भजनों के माध्यम से स्वामी दयानंद सरस्वती के जीवन को दर्शाया। मौके पर आचार्य रविंद्र कुमार, सुधीर कुमार, आशीष जैन, रवि गौड़, रामकुमार, संदीप कुमार, आदेश धीमान, संगीता शर्मा और रमा शर्मा मौजूद रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज शामली में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना व महर्षि दयानंद के चित्र के सम्मुख पुष्पार्चन से हुआ। मुख्य अतिथि वैदिक इंटर कॉलेज सिसौली के प्रधानाचार्य राजेंद्र आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद आधुनिक भारत के चिंतक, समाज सुधारक और आर्य समाज के संस्थापक थे। अध्यक्षता प्रधानाचार्य आनंद प्रसाद शर्मा ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन

मौके पर उप प्रधानाचार्य मलूक चंद, आचार्य मोहर सिंह, प्रीतम सिंह, नीटू कश्यप, अंकित भार्गव, ब्रजपाल सिंह, मधुबन शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, परितोष शर्मा, योगेंद्र सैनी, सुभाष चंद, अशोक कुमार, प्रदीप कुमार, अरविंद कुमार, अक्षय पुंडीर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें