शामली। बच्चों की शादी की चिंता मां से ज्यादा किसे हो सकती है। शादी के लिए महिलाएं दहेज का सामान जोड़ना शुरू कर देती हैं। बेटी और रिश्तेदारों को दिए जाने वाले कपड़े जुड़ने शुरू हो जाते हैं, यही कपड़े अब देश के काम आ रहे हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ी 11 छात्राओं ने अपने घर में जरूरतमंदों के लिए मास्क बनाने की मुहिम शुरू की है। लॉकडाउन की वजह से कपड़ा नहीं मिल रहा तो, माताओं ने संदूक खोले और कपड़े मास्क बनाने को दे दिए। पेश है रोहित अग्रवाल की रिपोर्ट ...
- देश की सेवा सर्वोपरि
कांधला कस्बा निवासी बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा माफिया सैफी ने बताया कि लॉकडाउन में बाजार से कपड़ा नहीं मिला तो मम्मी ने बच्चों की शादी के लिए रखे कपड़े संदूक से निकाल लिए। छात्रा की मां ने बताया कि शादी के कपड़े बाद में जमा कर लेंगे, उन्हें खुशी है कि देश की सेवा कर रहे हैं।
- मम्मी पापा के सपोर्ट से आगे बढ़ रही संध्या
कैराना क्षेत्र के गुर्जरपुर गांव की बीए द्वितीय की छात्रा संध्या चौहान प्रधानमंत्री की अपील के बाद से मास्क तैयार करने में जुटी हैं। किसान पिता सुशील और मां बबली देवी भी पूरा सपोर्ट कर रही हैं। अब तक वो अपने पापा की मदद से 400 से ज्यादा मास्क बांट चुकी हैं।
- पीएम की अपील से प्रेरित हुई सोनम
गुर्जरपुर की सोनम चौहान ने बताया कि मम्मी ने बड़ी बहन की शादी के लिए घर में रखे कपड़े भी दे दिए। 350 मास्क बनाकर बांट चुकी हैं। सोनम की मां बबली देेवी ने बताया कि उन्हें खुशी है उनकी बेटी देश के लिए कुछ कर रही है।
- मिस्बाह को टीचर से मिली प्रेरणा
आल्दी गांव की मिस्बाह मिर्जा ने भी घर में मास्क बनाने का बीडा उठाया है। महिला महाविद्यालय की कार्यक्रम अधिकारी अंशु सिंह से प्रेरणा लेकर वे इसमें जुटी और परिजनों के सहयोग से 200 मास्क वितरित कर चुकी हैं।
कोट
रासेयो की छात्राओं ने ये मुहिम शुरू की है। उनके परिजन भी पूरा सपोर्ट कर रहे हैं। करीब 11 छात्राएं इससे जुड़ी हैं। प्रतिदिन करीब 600 मास्क बनाने का लक्ष्य है। करीब 1500 मास्क जरूरतमंदों को वितरित कर चुकी हैं। - अजयबाबू शर्मा, जिला कॉर्डिनेटर रासेयो कार्यक्रम
शामली क्षेत्र के गांव आल्दी में मास्क तैयार करती माफिया और उनकी मम्मी।- फोटो : SHAMLI
शामली क्षेत्र के गांव गुज्जरपुर में मास्क बनाती संध्या चौहान।- फोटो : SHAMLI