शामली गांव डांगरौल में निर्माणाधीन पानी की टंकी।
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शामली। कृष्णा नदी के किनारे के गांवों के स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के लिए बनाई जा रही 29 पेयजल परियोजनाओं में ज्यादातर अधर में लटकी हैं, जबकि कुछ का काम अंतिम चरण में चल रहा है। कैंसर, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी बीमारियों से प्रभावित रहे गांव डांगरौल को अभी तक साफ पानी नहीं मिल पाया है। लॉकडाउन में बंद पड़ा काम अब शुरू तो हो गया है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि काम की गति बेहद धीमी है।
डांगरौल गांव में एनजीटी के आदेश के बाद एक करोड़ 66 लाख की लागत से पेयजल परियोजना की शुरुआत की गई थी। काम अक्तूबर 2019 में शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक पूरा नहीं हुआ है। करीब एक माह पहले एनजीटी में दाखिल की गई रिपोर्ट में जल निगम के अधिकारियों ने गांव में 38 प्रतिशत काम पूरा होना दर्शाया था। कार्य को पूरा करने के लिए मार्च तक का समय निर्धारित किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में दूषित पानी से कैंसर, हेपेटाइटिस बी और सी जैसी बीमारियों का काफी प्रकोप रहता है। यदि पेयजल परियोजना पूरी हो जाए तो ग्रामीणों को साफ पानी मिल पाएगा और बीमारियों से भी निजात मिलेगी।
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बोले ग्रामीण...
किसान इकबाल का कहना है गांव में टंकी लगने से ग्रामीणों को साफ पानी मिल सकेगा। बीमारियों से परेशान हो रहे लोगों को निजात मिलेगी। उन्होंने निर्माण को शीघ्रता से पूर्ण कराने की मांग की है।
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गांव निवासी अनिल जावला कहते हैं कि गांव में लंबे इंतजार के काम पेयजल परियोजना का काम शुरू हुआ था। इसे एक साल बाद भी पूरा नहीं किया जा सका है। निर्माण को जल्द पूरा कराया जाए।
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पूर्व शिक्षक रामबल सिंह का कहना है गांव में टंकी का निर्माण होने से सभी को साफ पानी मिल पाएगा। काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। बीचबीच में काम रोक दिया जाता है। इसे तेजी से पूरा कराने की जरूरत है।
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राजन जावला का कहना है कृष्णा नदी के किनारे होने के कारण गांव के हैंडपंपों का पानी दूषित हो गया है। इससे गांव में बीमारियों बढ़ रही हैं। दूषित पानी की वजह से बीमारियों की चपेट में आकर कई लोगों की मौत भी हो चुकी है। जल्द ही टंकी से जल आपूर्ति शुरू की जानी चाहिए।
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डांगरौल की ग्राम प्रधान आरती का कहना है टंकी का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। टैंक बन चुका है, बोरिंग भी हो गया है। पाइप लाइन भी अधिकांश गांव में बिछ चुकी है। करीब 300 मीटर की दूरी रह रही है। अभी कनेक्शन नहीं हो पाए हैं। जल्द ही परियोजना के शुरू होने की उम्मीद है।