शामली/कैराना/जलालाबाद/गढीपुख्ता/चौसाना। कैराना में सीता हरण, खरदूषण वध, जलालाबाद और चाैसाना में लंका दहन की लीला का सुंदर मंचन किया गया।
शामली के श्री मंदिर हनुमान धाम के 56वें रामलीला महोत्सव में सीता हरण, लक्ष्मण की ओर से रावण की बहन सूर्पनखा के नाक-कान काटना, लंका पहुंचकर रावण को अपना बदला लेने के लिए प्रेरित करती है। रावण बहन सूर्पनखा के कहने पर सीता हरण करने की योजना बनाता है। मारीच को सोने का मायावी हिरण बनाकर माता सीता की कुटिया के पास भेजता है। सीता सोने का हिरण देखकर भगवान श्रीराम को उसकी मृगशाला लाने के लिए कहती हैु। राम सीता को बहुत समझते हैं। यह कोई सोने का हिरन नहीं मायावी है, लेकिन सीता हिरन की जिद करती हैं। श्रीराम लक्ष्मण को सीता की सुरक्षा में छोड़कर मृग का शिकार करने चले जाते हैं। मायावी मारीच भगवान श्रीराम की आवाज में लक्ष्मण को पुकारता है। सीता लक्ष्मण को भगवान श्री राम की सहायता के लिए भेजती है। लक्ष्मण रेखा खींचकर लक्ष्मण भगवान श्री राम की सहायता के लिए चले जाते हैं। रावण छल से माता सीता का हरण कर लेता है। कैराना कस्बे में श्रीरामलीला महोत्सव में दसवें दिन खर दूूषण वध, सीता हरण और जटायु मरण, लीला का मंचन किया गया। बदला लेने के लिए खर व दूषण सेना के साथ पंचवटी पर हमला बोल देता है। श्रीराम अपने मोहनी बाण चलाकर राक्षसों समेत खर दूषण का वध कर देते हैं। वह सीता का हरण करके लाने के लिए मारीच को पंचवटी में हिरण बनकर भेजने का आदेश देता है।
कांधला कस्बे कैराना रोड श्री रामलीला कमेटी मंडप पंचवटी की श्री रामलीला में शुक्रवार को खर दूषण वध की लीला का मंचन किया। अगस्त्य ऋषि के शिष्य मुनि सुतिक्ष्ण जब श्रीराम के आने का समाचार सुनाते हैं तो दौड़ पड़ते हैं। प्रभु श्रीराम मुनि के साथ आश्रम पहुंचते हैं। पंचवटी में लक्ष्मण सूर्पनखा की नाक काट लेते हैं। कटी नाक लेकर सूर्पनखा खर दूषण के पास पहुंचकर पूरी कहानी बताती है। बहन की व्यथा सुनकर क्रोधित खर दूषण बदला लेने के लिए चल देते हैं। प्रभु राम और खर दूषण के बीच युद्ध होता है। युद्ध के दौरान दोनों भाइयों की मौत प्रभु राम के हाथों होती है। सूपर्णखा अपने भाई रावण के दरबार में पहुंचकर खर दूषण के मारे जाने की सूचना देती है, तो रावण आश्चर्य चकित हो उठता है। रामलीला मंचन में प्रबंधक लोकेश गोयल श्याम कुमार सिंघल राजीव जैन प्रमोद शर्मा रोहित गुप्ता, मेहर चंद सिंघल, आदि लोगों मौजूद रहे।
जलालाबाद श्रीरामलीला मैदान में चल रही रामलीला सीता की खोज व लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। श्री हनुमान श्रीलंका में सीताजी की खोज करने जाते हैं। सीता की आज्ञा लेकर वह फल खाने के लिए अशोका वाटिका का विध्वंस करते है। हनुमानजी ने रावण के पुत्र अक्षय कुमार का वध कर देते हैं। मेघनाद हनुमान जी को ब्रह्मास्त्र में बांधकर अपने पिता रावण के दरबार में ले जाता है, जहां पर हनुमानजी की पूंछ में आग लगाते हैं। हनुमानजी की पूंछ में आग लग जाने के बाद लंका के घरों में महलों में आग लगाते हैं। रामलीला समिति से अजय सैनी, रोमिल मित्तल, किशोरी शरण महाराज, संजू सैनी, मुकेश आर्य मौजूद रहे।
गढ़ीपुख्ता कस्बे के दशरथ मरण, भरत एवं शत्रुघ्न का अयोध्या में पहुंचना, भरत राम का मिलाप की लीला का मंचन किया गया। श्रीरामलीला में नरेश कुमार सैनी, राजेंद्र शर्मा, नीरज जैन, चरण सिंह सैनी,,राजेंद्र मित्तल, लोकेश सैनी, रमेश उपाध्याय ,श्रीनिवास बागड़ी मौजूद रहे। चौसाना के जय भारत किसान इंटर कॉलेज के मैदान में लंका दहन की लीला का मंचन किया गया। अशोक वाटिका में हनुमानजी के उत्पात और विध्वंस लका दहन की लीला देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे।