शामली। शामली में ताड़का-सुबाहू वध की लीला देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। जलालाबाद में फुलवारी लीला और कांधला में रावण-कुंभकरण और विभीषण की ओर से ब्रह्मा जी की तपस्या करके वर मांगना और दूसरी रामलीला में श्रवण लीला का सुंदर मार्मिक मंचन किया गया।
शुक्रवार की रात में श्री मंदिर हनुमान धाम के 56 वे रामलीला महोत्सव में ताड़का वध लीला का सुंदर मंचन किया गया। महर्षि विश्वामित्र अयोध्या पहुंचकर राजा दशरथ से राक्षसों के संहार के लिए भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को मांग कर लाते हैं। महर्षि विश्वामित्र राम लक्ष्मण को दंडक वन में लेकर जाते हैं जहां पर राक्षसी ताड़का का वास होता है।
ताड़का विश्वामित्र के यज्ञ में बाधा उत्पन्न करती हैं। राम और राक्षसी ताड़का और सुबाहु का वध करते हैं। मारीच काे सौ योजन समुद्र के पास वन फेंक देते हैं। ताड़का का अभिनय सतीश कुमार रब्बा, राम का अभिनय आकाश धीमान, लक्ष्मण का अभिनय उज्ज्वल नामदेव ने किया। हनुमान धाम के अध्यक्ष सलिल द्विवेदी, सचिव राजकुमार मित्तल, उपेंद्र द्विवेदी, पंडित दिनेश पाठक, रमेश धीमान, उत्तम नामदेव, आदेश शर्मा, राकेश आचार्य, सुनील गुप्ता रामायणी, संदीप नामदेव, लोकेश वाचस्पति मौजूद रहे।
जलालाबाद में चल रही श्रीरामलीला महोत्सव में अहिल्या उद्धार, ताड़का-सुबाहू का वध की लीला का मंचन किया गया। जनकपुरी में सीता स्वयंवर में शामिल होने के लिए विश्वामित्र के साथ श्रीराम लक्ष्मण को साथ लेकर जाते है। गुरु की पूजा के लिए राम लक्ष्मण दोनों भाई, जनक की पुष्प वाटिका से पुष्प लेने जाते हैं। उसी समय मां गौरी का पूजन करने के लिए सीता अपनी सखियों के साथ मंदिर में आती है। फुलवारी में राम और सीता का आमना- सामना होता है। प्रबंध समिति से अजय सैनी, रोमिल मित्तल, किशोरी शरण महाराज, संजू सैनी, मुकेश आर्य, महेश चंद्र मौजूद रहे।
शामली हनुमान धाम पर रामलीला का मंचन करते कलाकार । संवाद
शामली हनुमान धाम पर रामलीला का मंचन करते कलाकार । संवाद
शामली हनुमान धाम पर रामलीला का मंचन करते कलाकार । संवाद