शामली। कैराना पलायन प्रकरण के बाद अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस पैनी नजर रख रही है। खासकर सोशल मीडिया में वाट्सएप और फेसबुक पर नजर रखी जा रही है, ताकि भड़काऊ मैसेज से अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कराई जा सके।
शुक्रवार को ही वाट्सएप पर भ्रामक मैसेज प्रसारित करने के मामले में दो ग्रुप एडमिनों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने वाट्सएप ग्रुपों की सूची भी बना रखी है, जिसमें जिले भर में 48 ग्रुप संचालित हैं। इन सभी ग्रुपों पर सीओ सिटी निशांक शर्मा ने चेतावनी भी डाली। अधिकांश ग्रुपों पर सीओ सिटी सक्रिय रहते हैं तथा मैसेज डालने वालों पर नजर रख रहे हैं।
सीओ ने कहा कि किसी धर्म विशेष के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी न की जाए, यदि टिप्पणी की जाती है तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद से वाट्सएप पर एक्टिव ग्रुप संचालकों में खलबली मची हुई है।
गौरतलब है कि कैराना पलायन प्रकरण सुर्खियों में आने के बाद पुलिस के आला अफसरों ने भी निर्देश जारी किया था कि अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए। खासकर सोशल मीडिया पर नजर रखने को कहा गया था। सीओ सिटी निशांक शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक मैसेज डालने वालों के खिलाफ शुक्रवार को ही दो केस दर्ज कराए गए हैं। सोशल मीडिया का प्रयोग सही कार्यों के लिए होना चाहिए। इसका दुरुपयोग ना किया जाए।
वीडियो वायरल होने से फैला था विद्वेष
मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे में भी सोशल मीडिया पर भ्रामक और भड़काऊ वीडियो वायरल होना सामने आया था। कवाल गांव में युवकों की हत्या से जोड़कर वीडियो वायरल किया गया था, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल गया था। धर्म विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी फेसबुक पर डालने के आरोपी कमलेश तिवारी के खिलाफ भी समुदाय विशेष के लोगों में आक्रोश फैल गया था। वहीं, छह महीना पूर्व कांधला में भी दो केस सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कारण दर्ज हो चुके हैं।
ब्राह्मण नेता के खिलाफ मुकदमे से रोष
कांधला। ब्राह्मण नेता सहित दो लोगों पर सांप्रदायिकता भड़काने का आरोप लगाकर अभियोग दर्ज करने के मामले को लेकर लोगों में रोष बना हुआ है। इस मामले को लेकर ब्राह्मण युवजन सभा ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
ब्राह्मण युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष पांडेय ने बताया कि 23 जून को स्थानीय थाने में राजनैतिक दबाव के चलते पुलिस के द्वारा सांप्रदायिक भावना भड़काने सहित कई धाराओं में झूठा अभियोग दर्ज किया गया है। आरोप है कि सोशल साइट पर दूसरे संप्रदाय के एक व्यक्ति ने हिंदु मुस्लिम एकता रैली निकालने पर जान से मारने की धमकी दी थी। जिससे अधिकारियों को अवगत कराया गया था, लेकिन पुलिस ने एक तरफा कार्रवाई की। जिस कारण ब्राह्मण युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।