शामली। शहर के बड़ा बाजार में पीएसी के सिपाहियों पर हमला करने वाले युवकों ने कुछ देर तक गली में दुकान के चबूतरे पर बैठकर प्लानिंग बनाई। बाइक सवार एक युवक निगरानी करता रहा, जिसके बाद हाथ में डंडा लेकर हमलावर पैदल ही घटनास्थल तक गए। हमला करने के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे।
हमले से पूर्व आरोपियों की यह गतिविधि भी गली में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई थी। उसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि कि दोनों युवक एक दुकान के बाहर स्लैब पर करीब दो मिनट तक बैठकर बातचीत कर रहे हैं।
आरोपियों का तीसरा साथी बाइक से घटनास्थल के पास निगरानी करता रहा। वह बाइक लेकर युवकों के पास आया और रुक कर बातचीत करने के बाद ब्राह्मणान मोहल्ले की तरफ बाइक लेकर चला गया। इसके बाद ही दोनों युवक वहां से उठे। आसमानी रंग की टीशर्ट और काले रंग की कैफरी पहने युवक के हाथ में डंडा था, जबकि जामुनी रंग की टीशर्ट और गुलाबी रंग की जींस वाला युवक उसके साथ खाली हाथ था।
करीब दस कदम दूरी पर जाकर बड़ा बाजार में पीएसी के सिपाहियों पर डंडे से हमला करने के बाद दोनों युवक भागते हुए ब्राह्मणान मोहल्ले की तरफ आए। उनके पीछे पीएसी के सिपाहियों के साथ ही शामली कोतवाली पुलिस का एक दरोगा तथा चार पुलिसकर्मी भी दौड़े, लेकिन इससे पहले की आरोपियों को पकड़ा जाता, वह गलियों के रास्ते फरार हो गए थे।
यह पूरा घटनाक्रम ब्राह्मणान मोहल्ले की गली में एक बिल्डिंग पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसे पुलिस ने हासिल करने के बाद आरोपियों की पहचान कर ली थी और देर रात आरोपियों में से वसीम और सरफराज को गिरफ्तार कर लिया गया।
परिजनों ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
पीएसी के सिपाहियों पर हमले के मामले में गिरफ्तार वसीम और सरफराज के परिजनों ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाए हैं। सरफराज की पत्नी फरहत और पिता इरशाद का कहना है कि पुलिस ने शुक्रवार देर रात सरफराज को घर से ही पकड़ा, जबकि पुलिस ने उसको फव्वारा चौक से गिरफ्तार दिखाया है। वहीं, वसीम के पिता यूसुफ ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।
हमले में प्रयोग डंडा बरामद
सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि पीएसी के सिपाहियों पर हमला करने वाले आरोपियों के कब्जे से वह डंडा भी बरामद कर लिया गया है, जिससे पीएसी के सिपाहियों पर हमला किया गया था। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करके जेल भेज दिया गया है।
अराजकता की पराकाष्ठा है घटना
पीएसी के सिपाहियों पर हमले की घटना से लोग हैरान हैं। क्योंकि शुक्रवार दोपहर जिस वक्त हमला हुआ, तो बाजार में खासी चहल पहल थी। दुकानें खुली हुई थी और ग्राहकों की आवाजाही लगी थी। इसके बावजूद हमलावरों ने दुस्साहसिक ढंग से पीएसी के सिपाहियों पर डंडे से हमला कर दिया।