शामली। कैराना से 11 किलोमीटर दूरी पर है गांव अकबरपुर सुन्हेटी। पहले गुड्डी की हत्या हुई, तो आरोप दूसरे समुदाय के लोगों पर लगा। अब उसी परिवार के ब्रह्मपाल की हत्या में भी दूसरे समुदाय के लोग आरोपी हैं।
इन वारदातों से गांव में तनाव बढ़ रहा है। दहशत ऐसी कि गलियां सूनी रहने लगी हैं, तो मकानों के दरवाजे बंद रहने लगे हैं। गांव में पुलिस और पीएसी का पहरा है, मगर गांव का हर शख्स सहमा हुआ है।
सात महीना पूर्व जब गुड्डी की हत्या हुई, तो अकबरपुर सुन्हैटी के कुरबान और मोहसिन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तब से गांव में दहशत और तनाव ने घर बना लिया। पुलिस प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से ही पीएसी तैनात कराई। अब ब्रह्मपाल की हत्या होने के कारण फिर से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने पीएसी की टीम के अलावा गांव में अतिरिक्त फोर्स भी तैनात कर दिया है, मगर गांव में दहशत कम नहीं हो रही है। मंगलवार को एक ओर जहां ब्रह्मपाल के मकान पर मातम पसरा हुआ था। परिवार के लोग बिलख बिलखकर रो रहे थे, तो दूसरी तरफ पूरे गांव में गलियां सुनसान पड़ी थीं। मकानों के दरवाजे बंद थे और लोग सहमे हुए थे।
गांव में पहले जैसी स्थिति नहीं रही है। ग्रामीणों का कहना था कि कानून व्यवस्था खराब होने के कारण गांव का यह हाल हो गया है।
उधर, कश्यप बिरदारी के मोहल्ले के पास पुलिस और पीएसी के जवान मुस्तैद थे। वहीं, ब्रह्मपाल की शवयात्रा यमुना नदी किनारे श्मशान घाट पर ले जाते समय भी पुलिस सतर्क रही। शवयात्रा के साथ साथ दो दरोगा और तीन सिपाही चल रहे थे।