झिंझाना/शामली। थाना झिंझाना की रिपोर्टिंग पुलिस चौकी चौसाना पर तैनात उपनिरीक्षक नरदेव सिंह को करनाल रोड पर भूसे से लदी ट्रैक्टर-ट्राली ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल उपनिरीक्षक ने मेरठ में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
चौसाना पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा नरदेव सिंह (40) मूलरूप से बिजनौर जनपद के गांव नाजरपुर थाना सिवाल कला के रहने वाले थे। वर्ष 1994 में सिपाही के पद पर यूपी पुलिस में भर्ती हुए थे। 2011 में विभागीय परीक्षा के बाद उपनिरीक्षक पद पर प्रोन्नत हुए।
बार्डर स्कीम के चलते शामली जिले में पहली नियुक्ति बाबरी थाने में हुई थी। तीन माह पूर्व ही उन्हें झिंझाना के चौसाना रिपोर्टिंग चौकी पर तैनात किया गया था। रविवार सुबह वह चौसाना से बाइक पर थाना झिंझाना आ रहे थे। जब वह मेरठ-करनाल हाईवे पर गांव सींगरा के पास पहुंचे, तो पीछे से आई भूसे से लदी ट्रैक्टर-ट्राली ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल नरदेव सिंह को शामली स्थित चिकित्सालय लाया गया, यहां से चिंताजनक हालत के चलते उन्हें मेरठ रेफर कर दिया।
मेरठ में उपचार के दौरान दोपहर बाद उनका निधन हो गया। झिंझाना थानाध्यक्ष आरएन सिंह यादव ने बताया कि हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रैक्टर-ट्राली लेकर फरार हो गया। हादसे में उपनिरीक्षक की मौत से समस्त पुलिसकर्मियों में शोक है। अधिकारियों ने भी संवेदना व्यक्त की है।