बागपत के रटौल गांव के सपा नेता एवं बाग ठेकेदार काजी अफसार की हत्या के मामले में खेकड़ा पुलिस ने रालोद नेता एवं रटौल गांव के प्रधान और उनके बेटे को क्लीन चिट दे दी है। जेल में बंद चार आरोपियों में से तीन के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
खेकड़ा थाना प्रभारी सुबोध यादव का कहना है कि विवेचना में रटौल गांव के प्रधान जुनेद फरीदी और उनके बेटे उमर की घटना में कोई भूमिका नहीं मिली है। इसलिए उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इनके अलावा चार अज्ञात लोगों के खिलाफ जो शिकायत की गई थी, उसमें रटौल गांव के नौमान, भोलू, जावेद तथा मेरठ के जानी क्षेत्र के गांव सिसौला निवासी हसमत का नाम प्रकाश में आया था। चारो आरोपी जेल में बंद है। इनमें से तीन आरोपी नौमान, भोलू और हसमत के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। जल्द ही जावेद के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
यह था मामला
बागपत। सपा नेता काजी अफसार की रटौल गांव में ही 11 अप्रैल 2015 की देर शाम गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने पहले अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चार-पांच दिन बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि चुनावी और जमीनी रंजिश के चलते ग्राम प्रधान जुनेद फरीदी ने अपने बेटे अधिवक्ता उमर और चार अज्ञात साथियों के साथ मिलकर अफसार की हत्या की है। उन्होंने खेकड़ा थाना पर शिकायत की थी।
मुख्यमंत्री से भी कर चुके शिकायत
बागपत। काजी अफसार के परिजन आरोपी जुनैद फरीदी और बेटे उमर की गिरफ्तारी के लिए एसपी दफ्तर, कलक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन, भूख हड़ताल ही नहीं मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक शिकायत कर चुके है, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। चार माह बाद पुलिस ने बाप-बेटे को क्लीनचिट दे दी है।
न्याय के लिए संघर्ष करेंगे
बागपत। काजी अफसार के भाई निसार अहमद का कहना है कि उनके भाई की हत्या के मुख्य आरोपी जुनेद फरीदी और उनका बेटा उमर है। जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलेगी, संघर्ष जारी रहेगा। न्याय के लिए अंतिम सांस तक लड़ाई लड़ी जाएगी।
50 हजार रुपये का इनामी रह चुका है जावेद
बागपत। काजी अफसार की हत्या में शामिल रहा रटौल निवासी जावेद, 50 हजार रुपये का इनामी रह चुका है। उसे डेढ़ माह पूर्व दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया था।