बागपत। 50 हजार रुपये के इनामी अजीत उर्फ हप्पू और प्रवीन गांगनौली में गैंगवार की आशंका बनी है। दोनों ही अपराधी फरार चल रहे हैं। दोनों एक-दूसरे से दुश्मनी हैं। बागपत जेल में तो कई बार उनके गैंग के सदस्य आपस में मारपीट कर चुके हैं। दोनों के बीच गैंगवार की आशंका पर पुलिस में बैचेनी है। पुलिस अफसर दोनों अपराधियों को लेकर गंभीर है। उनको पकड़ने के लिए पुलिस टीमें लगाई गई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक लाख रुपये के इनामी रहे प्रमोद गांगनौली के साथी अमित उर्फ सद्दाम की मौत होने के बाद प्रमोद के गैंग में हिस्ट्रीशीटर परमवीर तुगाना और अजीत उर्फ हप्पू बावली शामिल हो गए थे। तीनों अपराधियों ने मिलकर खूब खून खराबा किया। तीन अगस्त 2015 को लूंब गांव के जंगल में ट्यूबवेल पर प्रमोद की गोलियों से भूनकर हत्या की। पुलिस की जांच में आया था कि उसकी हत्या उसके ही साथी परमवीर तुगाना और अजीत उर्फ हप्पू ने मिल कर की।
हालांकि प्रमोद के परिजनों ने पुलिस की कहानी को गलत बताया था। दो माह पहले परमवीर, राजस्थान के उदयपुर से पकड़ा था। पूछताछ में उसने प्रमोद की हत्या का इशारा अजीत उर्फ हप्पू की ओर करा था। तभी से दोनों गैंग के अपराधियों के बीच आपस में ठनी हुई है। प्रमोद के साथियों को पूरा शक है कि प्रमोद को परमवीर और हप्पू ने ही मारा है। डेढ़ माह पहले जेल से पेशी पर आते समय दोनों गैंग के अपराधियों में झगड़ा हो गया था।
उस समय प्रमोद के गुर्गे ने कहा था कि जब तक वे अपने भाई प्रमोद की हत्या का बदला नहीं ले लेंगे, चैन से नहीं बैठेंगे। प्रमोद गैंग को अब उसका भाई प्रवीण चला रहा है। वह गांगनौली के जंगल में कई बार अपने साथियों के साथ हथियार लिए हुए देखा जा चुका है। हप्पू की भी पुलिस को लोकेशन जनपद में मिलती रहती है। लोगों की माने तो ऐसी स्थिति में दोनों में कभी भी गैंगवार हो सकती है।
सीओ (क्राइम) श्वेताभ पांडेय ने कहा अपराधी अजीत उर्फ हप्पू और प्रवीण की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। दोनों अपराधियों की फिलहाल अलग-अलग होने की जानकारी मिल रही है।