कैराना। हरियाणा में उग्र हुए जाट आरक्षण आंदोलन के चलते पानीपत के उग्रखेड़ी गांव में कैराना और बुढ़ाना क्षेत्र के पांच युवकों की पुराल लदी ट्रालियों को भी आग लगा दी गई। जली हुई ट्राली लेने हरियाणा पहुंचे पीड़ितों से हरियाणा की दमकल विभाग की पुलिस ने आग बुझाने के नाम पर प्रति ट्राली 2-2 हजार रुपये भी वसूल किए। रुपये देने के बाद ट्रालियां वापस लाई जा सकीं।
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के चलते रविवार को पानीपत-कैराना रोड पर ग्राम उग्रखेड़ी के पास लोगों ने जाम लगा दिया था। इसी बीच पानीपत के गांव खोतपुरा से जौला निवासी चार युवक और कैराना के मोहल्ला इकबालपुरा निवासी महताब अपनी अपनी ट्रैक्टर ट्राली में पुराल लादकर आ रहे थे।
उग्राखेड़ी में जाम लगा होने के कारण वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने उनकी ट्रालियां सड़क किनारे खडी करा दी। महताब ने बताया कि काफी देर तक जाम नहीं खुलने पर वह और जौला निवासी चारो युवक ट्राली से ट्रैक्टर अलग करने के बाद ट्राली को वहीं छोड़कर ट्रैक्टर लेकर वापस आ गये।
मौके पर ट्राली की देखभाल के लिए मजदूर कासिम को छोड़ दिया। रविवार शाम छह बजे प्रदर्शनकारियों ने ट्राली में आग लगानी शुरू कर दी। कासिम ने विरोध किया, तो उससे मारपीट की। कासिम ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई। रात 10 बजे पुलिस ने जली हुई ट्राली पर लिखे उसके मोबाइल नंबर से उसे सूचना दी कि तुम्हारी ट्राली जला दी गई है उसे आकर ले जाओ।
महताब ने बताया कि रात में डर के कारण वह नहीं गया तथा सोमवार सुबह मामला कुछ ठंडा पड़ने पर वह उग्रखेड़ी पहुंचा, तो ट्राली पूरी तरह जल चुकी थी। जब वह ट्राली को ट्रैक्टर में बांधकर चलने लगा तो फायर ब्रिगेड वालों ने उसे रोक लिया और आग बुझाने के नाम पर उससे 5-5 हजार रुपये मांगे।
उन्होंने पुलिस वालों से कहा कि उनका 15-15 हजार से अधिक का पुराल व ट्राली के टायर पहले ही जल गये तथा काफी मिन्नत करने के बाद 2-2 हजार रुपये देने के बाद बड़ी मुश्किल से ट्राली लेकर लौटा। जौला निवासी युवकों ने भी ट्राली वापस लेने के नाम पर 2-2 हजार रुपये दिए। महताब ने बताया कि वहां के हालात अभी भी ठीक नहीं हुए हैं।