शामली कोतवाली पुलिस ने दहेज प्रताड़ना के मामले में 14 साल से फरार चल रहे आरोपी को मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी 2003 में मुकदमा दर्ज होने के बाद फरार होकर परिवार समेत इटली चला गया था। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसका चालान कर दिया।
मोहल्ला कलंदरशाह निवासी एक महिला की शादी वर्ष 1995 में संजय पुत्र दुर्गादास निवासी मनी माजरा चंडीगढ़ में हुई थी। आरोप है कि ससुरालियों ने दहेज के लिए महिला को प्रताड़ित किया था और मारपीट करते हुए गर्भ भी गिरा दिया था। इसके बाद महिला के भाई अशोक कुमार ने 2003 में आरोपी संजय सहित चार के खिलाफ कोतवाली शामली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसी दौरान आरोपी परिवार समेत इटली चला गया था। कुछ दिन पूर्व पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी चंडीगढ़ आया हुआ है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को सर्विलांस टीम प्रभारी सुधीर तथा एसआई सत्यनारायण दहिदा ने कस्बा जिरकपुर, मोहाली (पंजाब) से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के बाद उसका चालान कर दिया।
शादी कर मजे से रहा था आरोपी
भाई अशोक ने बताया कि आरोपी संजय ने 2006 के बाद पटियाला निवासी मिन्नी से शादी की थी। कुछ दिन बाद उसकी भी मौत हो गई थी। इस मामले में भी आरोपी संजय के खिलाफ धारा 304 बी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद ही वह इटली भाग गया था। आरोप है कि आरोपी ने अभी दो साल पूर्व ही शादी की है।
गिरफ्तारी के लिए पीड़िता के भाई ने लड़ी लंबी लड़ाई
बहन के दोषी की गिरफ्तारी के लिए ही पीड़ित परिवार को 14 साल तक संघर्ष करना पड़ा। भाई अशोक ने लखनऊ तक पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि कोर्ट की ओर से आरोपी के खिलाफ कुर्की, भगौड़ा घोषित किए जाने तक की कार्रवाई की जा चुकी थी। इसके बाद पीड़ित ने गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, महिला आयोग तक शिकायत की। महिला आयोग की सदस्या ने वर्ष 2016 में शामली आकर इस मामले को सुना था और स्थानीय पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था।
सालों से भगौड़ा घोषित आरोपी संजय को मोहाली से गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। - उमेेश रोरिया, कोतवाली प्रभारी।