शामली के कांधला के मोहल्ला खैल में शादी समारोह के दौरान किए गए पशु कटान को लेकर नगर पालिका के चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी के विरोधाभासी बयानों को लेकर विवाद पैदा हो गया है। बृहस्पतिवार को इस प्रकरण पर पालिका में गहमागहमी का माहौल रहा। वहीं, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले में जांच कराकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाए।
बुधवार को मोहल्ला खैल में अवैध रूप से पशु कटान की सूचना पर पुलिस ने छापा मारा था। मौके से दो युवकों को पकड़े जाने पर लोगों ने हंगामा कर दिया था। वहीं, मौके पर पहुंचे नगर पालिका चेयरमैन हाजी वाजिद हसन ने कहा था कि शादी समारोह के दौरान पशु कटान की अनुमति पालिका की तरफ से दी गई थी। काफी हंगामा होने के बाद पुलिस टीम लौट आई थी। उधर, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने कहा था कि पशु कटान की अनुमति देने का अधिकार पालिका को नहीं है और न ही किसी को अनुमति दी गई है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि पालिका के किसी कर्मी ने निजी स्वार्थ के लिए पशु कटान की अनुमति दी है, तो उसके खिलाफ जांच कराई जाएगी। इसको लेकर बृहस्पतिवार को दिन भर नगर पालिका परिषद कांधला में गहमागहमी का माहौल रहा। अधिशासी अधिकारी ने बताया कि जिस कर्मी ने अनुमति संबंधी कागज पर मुहर लगाकर दी, उसको नोटिस जारी कर दिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
वहीं, विहिप नेता सुभाष मलिक और भाजपा नेताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाए। क्योंकि शासन ने अवैध रूप से पशु कटान पर पाबंदी लगा हुई है तथा पालिका को पशु कटान की अनुमति देने का अधिकार नहीं है, फिर पशु कटान कैसे हो गया। उनका कहना है कि इस संबंध में शुक्रवार को जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया जाएगा।
मामला जानकारी में आया है, मगर किसी ने लिखित शिकायत नहीं की है। यदि कोई शिकायत करता है तो जांच कराई जाएगी कि पशु कटान की अनुमति किस स्तर से दी गई। यदि किसी ने नियम विरुद्ध अनुमति दी है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। -- विजय प्रकाश तिवारी, एसडीएम कैराना
मीट प्लांट पर लगी सील तोड़ने का आरोप
शामली। कैराना में कांधला रोड स्थित मीट प्लांट पर नियमों का पालन नहीं किए जाने के कारण प्रशासन ने सील लगा दी थी। आरोप है कि मीट प्लांट प्रबंधन ने अधिकारियों से मिलीभगत कर प्लांट पर लगी सील तुड़वा दी और अंदर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
इस संबंध में कैराना के मोहल्ला रेतावाला निवासी मोहम्मद उमर ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर शिकायत की है। मोहम्मद उमर का कहना है कि उक्त मीट प्लांट के आसपास इलाके में प्रदूषण फैल रहा था, जिसकी शिकायतें पूर्व में कई बार की गई थीं। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग, पशु पालन और प्रशासनिक अधिकारियों ने जांच करने के बाद नियमों का पालन नहीं किए जाने के कारण मीट प्लांट पर सील लगा दी थी। मोहम्मद उमर का आरोप है कि 15 अप्रैल को मीट प्लांट में निरीक्षण के नाम पर सील तोड़ दी गई, जिसके बाद प्लांट के भीतर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उधर, इस बारे में एसडीएम कैराना विजय प्रकाश तिवारी का कहना है कि मीट प्लांट पर सील लगी हुई है, उसे किसी ने नहीं तोड़ा है।