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बाढ़ सुरक्षा पर खर्च होंगे 35 करोड़

Tue, 02 Aug 2016 11:42 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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flood - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। बाढ़ की आशंका पर ड्रेनेज विभाग ने यमुना नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा को ध्यान रखते हुए बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं बनाई हैं। पूर्व में कई परियोजनाओं पर पैसा खर्च किया जा चुका है। अब नई पांच परियोजनाओं पर करीब 35 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी चल रही है। 
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एक सप्ताह पूर्व ही शासन स्तर पर बाढ़ सुरक्षा कार्यों को लेकर मीटिंग हुई। उसमें शामली जिले से भी ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए बनाई परियोजनाओं का प्रस्ताव रखा। इनमें से तीन परियोजनाओं पर नाबार्ड से कार्य होना है। इन पांच परियोजनाओं पर करीब 35 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। परियोजनाओं को स्वीकृति मिल गई है, मगर धन आवंटन होना बाकी है। इससे पूर्व में तीन परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है, जिन पर करीब 10 करोड़ रुपये का खर्चा बताया गया। 

गौरतलब है कि शामली जनपद में यमुना नदी किनारे करीब 52 किलोमीटर लंबा तटबंध बना है। 2013 में जब यमुना नदी उफान पर आई थी, तो आसपास के गांव बाढ़ की चपेट में आ गए थे। नदी किनारे बनाए गए बाढ़ सुरक्षा के  लिए तटबंध भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसी लिहाज से 2016-17            के लिए ड्रेनेज विभाग ने बाढ़  सुरक्षा कार्यों के निर्माण, पुर्नस्थापना और मरम्मत कार्यों के लिए परियोजनाएं बनाई हैं। 
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नई स्वीकृत परियोजनाएं 
 यमुना नदी के बाएं किनारे पर गांव पठेड़ और बल्हेड़ा गांव की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर खर्च होंगे 490.46 लाख रुपये। 
 यमुना नदी के बाएं किनारे स्थित ग्राम बढ़ी मुस्लिम, ऊदपुर, मंगलौरा, चौतरा, बल्हेड़ा और पठेड़ के पास बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर खर्च होंगे करीब 1878.71 लाख रुपये । 
 गांव नाई नंगला के स्पर संख्या 05 एवं ग्राम ऊदपुर के स्पर संख्या 01 के लांचिंग एप्रन की पुर्नस्थापना एवं ऊदपुर साल्हापुर तटबंध के किलोमीटर 2.475 से किलोमीटर 2.835 के मध्य बोल्डर पिचिंग के निर्माण पर करीब 416.40 लाख रुपये खर्च होंगे । 
 यमुना नदी के बाएं किनारे पर ऊदपुर, साल्हापुर तटबंध के किलोमीटर 1.500 से किलोमीटर 2.150 के मध्य कटाव निरोधक कार्यों पर करीब 786.59 रुपये का खर्च होगा। 
 थानाभवन-मुल्लापुर मार्ग पर बने पुल की पहुंच मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य की परियोजना पर करीब 18 लाख रुपये खर्च होंगे। 

निर्माणाधीन परियोजनाएं 
 यमुना नदी के बाएं किनारे पर लोहिया ग्राम लक्ष्मीपुरा और भड़ी की सुरक्षार्थ कटाव निरोधक कार्यों की परियोजना पर करीब 229.96 लाख रुपये का खर्च। 
 यमुना नदी के बाए किनारे पर गांव सहपत और डूंडूखेड़ा की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यो की परियोजना पर 364.19 लाख रुपये का खर्चा । 
 यमुना नदी के बाएं किनारे पर ग्राम मंडावर और इस्सोपुर खुरगान   की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा कार्यों की परियोजना पर 435.55 लाख    रुपये का खर्चा। 

यमुना नदी किनारे बाढ़ सुरक्षा के संबंध में स्थानीय स्तर पर कार्य कराए गए हैं। इसके अलावा ड्रेनेज विभाग की ओर से बाढ़ सुरक्षा कार्यों की परियोजना बनाई गई हैं। परियोजनाओं के संबंध में गत दिनों लखनऊ में मीटिंग भी हुई। फिलहाल परियोजनाओं के लिए धन आवंटन नहीं हुआ है।- भरत पांडेय, एडीएम।

यमुना में बाढ़ आई तो हालात होंगे खराब
शामली। यमुना में बाढ़ आई तो हालात ज्यादा खराब हो सकते हैं। डीएम का मानना है कि पहाड़ों पर बारिश होने की जानकारी मिल रही है। यमुना में ज्यादा पानी छोड़े जाने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया गया है।

वर्ष 2013 में यमुना में आई बाढ़ से हरियाणा के पानीपत जिले की ओर सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। कैराना क्षेत्र के सहपत गांव के पास तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है। इस बार पहाड़ों पर जबरदस्त बारिश होने से यमुना में लगातार हथिनीकुंड ताजेवाला से पानी छोड़ा जा रहा है। एक माह में चार बार यमुना में पानी छोड़ा जा चुका है। डीएम सुजीत कुमार का कहना है कि पहाड़ों पर लगातार बारिश होने की सूचना मिल रही है। 

यमुना में जलस्तर बढ़ सकता है। बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है, अगर बाढ़ जैसे हालात बने तो वह जिले के राजस्व व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी तैनात कर दवाओं की व्यवस्था की जाएगी। जिले के ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता केपीसिंह का कहना है कि यमुना में अभी हालात सामान्य है, लेकिन दो लाख से ज्यादा पानी यमुना में छोड़ा गया तो यमुना में बाढ़ जैसे हालात बन जाएंगे। उधर, सीएमओ डॉ. विनीता अग्निहोत्री का कहना है कि डीएम के निर्देश पर जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनात डाक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की सूची तलब कर ली गई है। 
आज रात में डाक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों की बाढ़ क्षेत्रों में ड्यूटी लगा दी गई है। 

खतरे के निशान तक पहुंची यमुना, प्रशासन हुआ अलर्ट  
शामली। पहाड़ों पर बारिश के बाद जिले में यमुना नदी खतरे के निशान पास पहुंच गई। जिससे बाढ़ का खतरा अभी बरकार है। मंगलवार को एक बजे के लगभग एक   लाख तीन हजार क्यूसेक पानी हथनीकुंड - ताजेवाला से ओर छोड़ दिए जाने से शामली, बागपत, गाजियाबाद एवं दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

पहाड़ों पर बारिश होने के बाद सोमवार को यमुना में हथनीकुंड व ताजेवाला बैराज से एक लाख 59 हजार 219 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया था। जिससे सोमवार शाम यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा था। सोमवार शाम नौ बजे कैराना यमुना पुल पर जलस्तर 229.10 मीटर रिकार्ड किया था। मंगलवार को दोपहर 12 बजे यमुना का  जलस्तर बढ़कर 230.20 मीटर पहुंच गया था।

दोपहर दो बजे तक यमुना का जलस्तर 230.40 मीटर तक पहुंच गया था। कैराना यमुना पुल पर केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षकों का कहना है कि यमुना का बढ़ता जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। मंगलवार सुबह आठ बजे ताजे वाला हथनीकुंड बैराज पर 35 हजार क्यूसेक पानी था। 

सुबह आठ बजे यमुना का जलस्तर 88 हजार 948 क्यूसेक व दस बजे 93 हजार 972 क्यूसेक व 12 बजे 79 हजार 524 क्यूसेक, एक बजे एक लाख 3 हजार 988 क्यूसेक छोड़ दिए जाने से शामली- बागपत, गाजियाबाद, राजधानी दिल्ली की ओर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। 

केंद्रीय जल आयोग के पर्यवेक्षकों तथा हथनी कुंड बैराज पर तैनात ड्रेनेज खंड के अधिशासी अभियंता शिवराज सिंह ने            बताया कि मंगलवार को छोडे़ गए पानी का असर बुधवार दोपहर से शुरू हो जाएगा। यमुना प्रभावित जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। वह यमुना के बढ़ते हुए जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
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हिथनीकुंड ताजे वाला से छोड़े गए पानी का आंकड़ा 
सोमवार एक अगस्त : 12 बजे :  एक लाख 59 हजार 219 क्यूसेक
मंगलवार दो अगस्त :   एक   बजे :  एक लाख तीन हजार  988 क्यूसेक
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