गांव दोस्तपुर के पास हाईवे पर मंगलवार को घटनास्थल का निरीक्षण करते एसपी सिटी मानसिंह चौहान।
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हाईवे पर रोड होल्डअप और गैंगरेप की वारदात को अंजाम देने वाला गैंग यूपी का नहीं बल्कि राजस्थान का है। सूत्रों का दावा है कि पुलिस और एसटीएफ को भरतपुर के कुख्यात सलीम बावरिया की तलाश है। सलीम का डेरा भरतपुर जिले में है, जहां करीब 20 दिन पहले पूरा गैंग क्राइम करने से पहले इकट्ठा हुआ था।
हाईवे-91 पर हुए गैंगरेप में इसका ही हाथ बताया जा रहा है। बुलंदशहर में सलीम बावरिया गैंग के कई सक्रिय सदस्य और रिश्तेदारियां होने की बात भी पुलिस की जानकारी में आई है। पुलिस के विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो हापुड़ का शावेज सलीम के गैंग का बेहद शातिर और पुराना बदमाश है।
पश्चिमी उत्तर-प्रदेश के कई जिलों में इस गैंग ने कई संगीन वारदातें की हैं। इन वारदातों में हत्या, गैंगरेप और बर्बरता के साथ की गईं लूटें शामिल हैं। पुलिस सूत्रों को मुताबिक करीब 20 दिन पहले सलीम बावरिया गैंग के 20 से ज्यादा बदमाश भरतपुर डेरे पर इकट्ठा हुए थे।
इस बैठक में शावेज के अलावा बुलंदशहर का रईस और नोएडा का जबर सिंह भी शामिल थे। बुलंदशहर पुलिस ने जिन तीन बदमाशों को शिनाख्त के आधार पर गिरफ्तार करके जेल भेजा है, उनमें जबर सिंह, रईस और शावेज शामिल हैं।
जबर सिंह की बीबी गैंग सरगना सलीम के नजदीकी रिश्तेदार की बेटी है और वह बावरिया जाति की है। जबर सिंह और उसकी पत्नी को पुलिस ने नोएडा के रबूपुरा से गिरफ्तार किया है। पुलिस को जबर सिंह की पत्नी से बावरिया गैंग की गहरी और पुख्ता जानकारियां मिलीं हैं।
जबर सिंह की पत्नी ने पुलिस को यह भी बताया है कि एक बार डेरे से निकलने के बाद वापस डेरे की ओर तभी लौटता है जब चार-पांच महीनों में लूटपाट से भरपूर कमाई कर लेता है।