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पूर्व आईएएस को भारी पड़ेगा जनविजय का सुसाइड नोट

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शामली। नोटबंदी के दौरान 20 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने के दबाव में आत्महत्या करने वाले जनविजय का सुसाइड नोट पूर्व आईएएस विनोद पंवार को भारी पड़ सकता है। सुसाइड नोट की राइटिंग प्रथम दृष्टया जांच में जनविजय की मानी जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि राइटिंग एक्सपर्ट से सुसाइड नोट की जांच कराई जाएगी।
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गौरतलब है कि आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव बधेव निवासी ऊन शुगर मिल के पूर्व असिस्टेंट मैनेजर (गन्ना) जनविजय सिंह ने 11 जुलाई की रात लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पूर्व जनविजय सिंह ने अपनी डायरी में सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसमें उन्होंने अपने बहनोई पूर्व आईएएस विनोद कुमार पंवार को आत्महत्या का जिम्मेदार ठहराया था। साथ ही लिखा था कि विनोद ने नोटबंदी के दौरान उस पर 10 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने का दबाव बनाया था। उसमें से 50 लाख रुपये के नोट बदलवा भी दिए थे। वहीं, जनविजय की पत्नी अंजू की तरफ से आदर्श मंडी थाने पर जो रिपोर्ट दर्ज कराई गई, उसमें विनोद पर आरोप लगाया था कि 20 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलने के दबाव की वजह से उसके पति जनविजय सिंह मानसिक तनाव में थे और इसी कारण आत्महत्या कर ली।
अब पुलिस का फोकस जनविजय के सुसाइड नोट पर है। प्रारंभिक तौर पर हुई जांच में सुसाइड नोट की राइटिंग जनविजय की मानी जा रही है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराने पर ही स्पष्ट होगा कि सुसाइड नोट जनविजय ने लिखा या नहीं। यह सुसाइड नोट ही पूर्व आईएएस के गले की फांस बन सकता है। क्योंकि मृत्यु पूर्व लिखे गए सुसाइड नोट को बेहद अहम माना जाता है।
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जड़े खंगाली तो होंगे चौंकाने वाले खुलासे
जनविजय को आत्महत्या के लिए विवश करने के आरोप में फंसे पूर्व आईएएस विनोद कुमार पंवार की मुश्किलें भविष्य में बढ़ सकती है। जिस तरह से जनविजय की पत्नी ने नोटबंदी के दौरान 20 करोड़ रुपये के पुराने नोट बदलवाने के लिए विनोद पंवार द्वारा दबाव बनाने का आरोप लगाया, उससे इनकम टैक्स विभाग भी मामले में जांच कर सकता है। इसके अलावा गाजियाबाद के दुहाई गांव की जिस छह बीघा जमीन पर विनोद पंवार द्वारा अवैध कब्जा करने की बात सुसाइड नोट में जनविजय ने लिखी, उसकी जांच भी पूर्व आईएएस के लिए भारी पड़ सकती है।
जल्दबाजी में गिरफ्तारी से बच रही पुलिस
जनविजय की आत्महत्या में आरोपी बनाए गए पूर्व आईएएस विनोद पंवार को गिरफ्तार करने में अभी पुलिस किसी तरह की जल्दबाजी नहीं कर रही है। घटना के बाद से अब तक गिरफ्तारी के लिए कोई प्रयास भी नहीं किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सबूत पुख्ता करने के बाद गिरफ्तारी की जाएगी।
वर्जन
अभी जनविजय का सुसाइड नोट राइटिंग एक्सपर्ट के पास जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा रिवाल्वर भी फोरेंसिक जांच के लिए भेजी जाएगी। ताकि पता लगाया जा सके कि रिवाल्वर पर किसके फिंगर प्रिंट हैं। -- राजकुमार शर्मा, थानाध्यक्ष, थाना आदर्श मंडी
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