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संदिग्ध गतिविधियों से अछूता नहीं है शामली का दामन

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शामली।
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जम्मू-कश्मीर में संदीप उर्फ आदिल की गिरफ्तारी से एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश संदिग्ध गतिविधियों को लेकर सुर्खियों में आ गया है। आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों की पनाहगाह के रूप में बदनाम मुजफ्फरनगर के साथ ही शामली जनपद का दामन भी इससे अछूता नहीं है। कैराना का इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तान में बैठकर ही नकली नोट और अवैध हथियारों की सप्लाई का बड़ा नेटवर्क चला रहे हैं। अन्य भी गतिविधियां सामने आती रही हैं, जिससे कैराना का नाम चर्चाओं में रहा है।
पाकिस्तान से अवैध पिस्टल और सोना लाने की शुरुआत गठरी कारोबार के जरिये हुई थी। जनपद के कैराना के साथ ही कांधला और शामली से पाकिस्तान में अपनी रिश्तेदारी में जाने वाले लोग गठरी में अवैध सामान ले आते थे। इसका खुलासा पूर्व में कई बार हो चुका है। वहीं, कैराना निवासी इकबाल काना, दिलशाद मिर्जा और फैमीदा उर्फ हमीदा भी पाकिस्तान में रहकर ही नकली नोट और हथियार सप्लाई का नेटवर्क चला रहे हैं। शामली जनपद इस लिहाज से संवेदनशील श्रेणी में शामिल है। गौरतलब है कि 2016 में ही कांधला क्षेत्र के गंगेरू निवासी इस्माइल को अटॉरी बॉर्डर पर पिस्टल और मैगजीन के साथ दबोचा गया था। वह पिस्टल शामली के एक युवक तक पहुंचाई जानी थीं। इसके अलावा भी कई मामले सामने आ चुके हैं, जो जिले की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं।
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आतंकी कनेक्शन
1. वर्ष 2000 में बुढ़ाना क्षेत्र के गांव जौला से आतंकी संगठन जैश-ए मोहम्मद के कमांडर मोहम्मद वारस को गिरफ्तार किया गया।
2. वर्ष 2005 में एसटीएफ ने शामली से पांच किलो आरडीएक्स और अत्याधुनिक असलहों के साथ जम्मू कश्मीर निवासी तीन युवकों को गिरफ्तार किया था।
3. 2007 में मोहल्ला शेखजादगान निवासी साबिर पुत्र नूरा और मोहल्ला रायजादगान निवासी शकीरन अटारी बॉर्डर पर हेरोइन के साथ पकड़ी गई थी।
4. 2013 में मोहल्ला शेखजादगान निवासी शहनाज , मुल्ला नसीर और अनीस को हथियार तस्करी के आरोप में अटॉरी बार्डर पर पकड़ा गया।
5. 2015 में थानाभवन के मदीना कॉलोनी में रह रहा बांग्लादेशी यासीन परिवार सहित फरार हो गया था। वह काफी समय छिपकर थानाभवन में रहा और राशन कार्ड तक बनवा लिया था।
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6. 2016 में गंगेरू निवासी इस्माइल को अटारी बॉर्डर पर टिन के बॉक्स में चार पिस्टल और सात मैगजीन के साथ दबोचा गया।
7. नवंबर 2016 में नाभा जेल की सुरक्षा व्यवस्था तोड़कर खालसा लिब्रेशन फ्रंट के चीफ सहित छह आतंकियों को भगाने का मास्टर माइंड परमिंदर उर्फ पिंदा कैराना से गिरफ्तार किया गया।
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