शामली/बाबरी/जलालाबाद/कांधला। जिले में अलग-अलग जगह हुए तीन हादसों में दो बाइक सवार युवकों की मौत हो गई, जबकि मां-बेटी सहित चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पहली घटना बाबरी क्षेत्र के गांव खेड़ी बैरागी के पास हुई। गांव खानपुर निवासी अमित कुमार पुत्र सत सिंह गन्ना समिति शामली में लगभग आठ माह पूर्व आश्रित कोटे से लिपिक पद पर तैनात हुआ था। शुक्रवार को ड्यूटी करने के बाद अमित बाजार का काम निपटाकर साथी अशोक निवासी भभीसा के साथ बुलेट से घर लौट रहा था। रास्ते में खेड़ी बैरागी के आते ही खेतों में आवारा घूम रहे गोवंश से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। इस जबरदस्त टक्कर में गोवंश की मौके पर मौत हो गई और अमित, अशोक गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने राहगीरों की मदद से दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने अमित को मृत घोषित कर दिया। अशोक को गंभीर हालत के चलते शामली रेफर कर दिया। अमित के पिता सतसिंह भी शामली गन्ना समिति के ही कर्मचारी थे। तीन साल पूर्व गले के कैंसर से उनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद अमित मृतक आश्रित कोर्ट में लगा था। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया।
दूसरी घटना थानाभवन क्षेत्र की है। सहारनपुर के नकुड़ निवासी सचिन पुत्र ऋषिपाल अपने साथी सोनू निवासी इस्माईलपुर सरसावा के साथ हिंड में मामा के यहां आया हुआ था। शुक्रवार को वह मामा से मिलकर गांव लौट रहा था। जब वह जलालाबाद तालाब के निकट पहुंचे तो सहारनपुर की ओर से आ रहे मिनी ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में सोनू की मौके पर ही मौत हो गई। सचिन बाल-बाल बच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मिनी ट्रक को हींड चेकपोस्ट के पास पकड़ लिया, जबकि चालक फरार हो गया।
तीसरी घटना कांधला थानाक्षेत्र की है। गांव खेड़ा कुरतान निवासी दिलशाद अपनी पत्नी भूरो और आठ माह के बालक के साथ शनिवार सुबह किसी कार्य के लिए शामली गया था। परिजनों के अनुसार लौटते समय जब दिलशाद गंगेरू इस्सोपुर मार्ग के मोड़ पर पहुंचा तो सामने से आ रहे आटो की चपेट में आने से बाइक सड़क किनारे गिर गई। बाइक के सड़क किनारे गिरने पर तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने पुलिस की मदद लेकर तीनों घायलों को कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार के लिए भर्ती कराया। जहां से दिलशाद व उसके आठ माह के बालक की हालत गंभीर होने के कारण दोनों को शामली के लिए रेफर कर दिया गया।
काश हेलमेट होता तो बच सकती थी जान
तीनों ही हादसों में बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहने थे। पुलिस के अनुसार यदि सोनू और अमित के पास हेलमेट होता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। पुलिस अधिकारियों ने इसकी कारण दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनकर रखने की अपील की।