शामली। जिले में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। काकानगर निवासी शालू उपाध्याय के तीन क्रेडिट कार्ड का दुरुपयोग कर अज्ञात व्यक्तियों ने ऑनलाइन डॉलर खरीदे और 5.45 लाख रुपये निकाल लिए। इसके अलावा, तीन लाख रुपये का लोन भी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिया गया। पीड़िता ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़िता ने बताया कि उसके पास तीन क्रेडिट कार्ड हैं, जो विभिन्न प्राइवेट बैंकों के हैं, जबकि बचत खाता एचडीएफसी बैंक में है। आरबीएल बैंक के कार्ड से यूएसडी के माध्यम से अगस्त से अक्टूबर तक 2.41 लाख रुपये की डॉलर में खरीदारी हुई। कोटक महिंद्रा बैंक के कार्ड से तीन लाख रुपये का लोन लिया गया। एचडीएफसी बैंक के कार्ड से अक्तूबर में 3.61 लाख रुपये की खरीदारी और एचडीएफसी बैंक खाते से नवंबर माह में 5.45 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा।
साइबर ठगी के बढ़ते मामले
शामली में साइबर ठगी पर पुलिस ने कुछ हद तक अंकुश लगाया है, लेकिन हर सप्ताह चार-पांच नई शिकायतें साइबर सेल में दर्ज हो रही हैं। ज्यादातर ठगी निवेश, डिजिटल अरेस्ट और रिश्तेदार बनकर की जा रही है।
क्या है यूएसडी से ऑनलाइन खरीदारी
एसपी के अनुसार, इसका मतलब है कि अज्ञात व्यक्ति पीड़िता के खाते से अमेरिकी डॉलर में लेन-देन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खर्च कर देता है।
सावधानी के उपाय
1. ओटीपी, पिन व पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
2. अनजान लिंक या क्यूआर कोड स्कैन न करें।
3. केवाईसी, इनाम, लोन या अकाउंट ब्लॉक होने के संदेश को अनदेखा करें।
4. सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा न करें।
5. क्रेडिट व डेबिट कार्ड अलर्ट चालू रखें।
6. पब्लिक वाई-फाई पर बैंकिंग न करें।
7. ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर एक्सपर्ट लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। उनका कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाएगी, पैसा वापस मिलने की संभावना उतनी बढ़ जाती है।
साल 2025 में अब तक 52 मामले दर्ज
साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव भटनागर ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक जिले में 52 साइबर ठगी के मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें करीब 11 करोड़ रुपये की ठगी हुई। इनमें से छह करोड़ रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए जा चुके हैं। गिरोह का भंडाफोड़ जल्द ही किया जाएगा।