शामली। न्यायालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग शामली ने किसान के गन्ने का बॉन्ड बिना सूचना के शामली मिल को स्थानांतरित करने के मामले में सुनवाई की। आयोग ने गन्ना सहकारी समिति के सचिव को 30 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश सुनाया है।
गांव मालेंडी निवासी वीरेंद्र ने आयोग में 29 जनवरी 2021 को गन्ना सहकारी समिति शामली के सचिव, जिला गन्ना अधिकारी शामली, डीएम शामली और ब्रजपाल निवासी मालेंडी के विरुद्ध परिवाद दायर कराया था। परिवादी ने बताया था कि वह अपना गन्ना बजाज शुगर मिल थानाभवन के क्रय केंद्र ताना तृतीय पर सप्लाई करता है। पेराई सत्र 2028-19 के मध्य में परिवादी को बिना सूचना के गन्ना सहकारी समिति के सचिव ने गन्ने का बॉन्ड शामली शुगर मिल में स्थानांतरित कर दिया। इस स्थानांतरण के लिए परिवादी ने सचिव को कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था। समिति सचिव द्वारा शामली शुगर मिल की दो पर्ची जारी कर दी गई। समिति सचिव की लापरवाही के चलते उसके बॉन्ड में हुई गड़बड़ी को सही कराने के किलए वह समिति के चक्कर काटता रहा, लेकिन सचिव द्वारा कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। इससे परेशान होकर उसने 22 जनवरी 2019 को डीएम शामली को प्रार्थना पत्र दिया, जिस पर डीएम ने जिला गन्ना अधिकारी को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने क लिए आदेशित किया, लेकिन सचिव ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसे फिर से एक फरवरी 2019 को शामली शुगर मिल की पर्ची प्राप्त करा दी। सचिव की इस लापरवाही के चलते परिवादी की गन्ने की फसल खेत में खड़ी रही। फसल मिल में न जाने से गन्ने का भुगतान उसकी जरूरत के समय नहीं मिल पाया। परिवादी की गन्ने की फसल समय से शुगर मिल में न जाने के कारण परिवादी के गेहूं की बुवाई समय पर नहीं हो पाई।
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने गन्ना सहकारी समिति के सचिव के विरुद्ध अपने परिवाद को आंशिक रूप से सिद्ध करने में सफल रहा। अध्यक्ष ने सचिव को आदेशित किया कि वह परिवादी को हुई मानसिक, शारीरिक क्षतिपूर्ति के 20 हजार रुपये और परिवाद व्यय 10 हजार रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा करें।