शामली। नौनिहालों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा देने के दावों के बीच जिले के कई परिषदीय स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में है। कहीं स्कूलों में चहारदीवारी ही नहीं है तो कहीं अधूरी चहारदीवारी के कारण परिसर खुला पड़ा है। ऐसे में बच्चों के स्कूल से बाहर निकलने की समस्या रहती है। इसके साथ ही स्कूल परिसर में बाहरी लोगों और आवारा पशुओं की आवाजाही भी बनी रहती है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय झाल
उच्च प्राथमिक विद्यालय की चहारदीवारी लगभग 10 वर्ष से भी ज्यादा समय से टूटी पड़ी़ है। प्रधानाध्यापक बलराज सिंह ने बताया कि कई बार विभाग व ग्राम प्रधान को इसकी लिखित में शिकायत की जा चुकी है। स्कूल में बाहरी व्यक्ति नुकसान करते हैं और आवारा पशुओं का भी घुसने का डर रहता है। स्कूल का अलग से गेट भी नहीं बना है।
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय बनत
कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शौचालय के पास की चहारदीवारी गिरी पड़ी है। प्रधानाध्यापक योगेश कुमार राठी ने बताया कि नगर पंचायत से कायाकल्प योजना के तहत बनवाने की मांग की है। स्कूल में कार्य शुरू हो गया है, जल्द ही निर्माण करा दिया जाएगा।
मल्टी स्टोरी विद्यालय झिंझाना
कस्बा झिंझाना का मल्टी स्टोरी विद्यालय वर्ष 2014 में बना था। उस समय स्कूल की चहारदीवारी नहीं बनाई गई थी। अध्यापक प्रमोद कुमार शर्मा ने बताया कि बाद में नगर पंचायत अध्यक्ष सुरेशपाल कश्यप के प्रयास से सामने की चहारदीवारी व मुख्य गेट तो बनवा लिया गया, लेकिन पीछे की चहारदीवारी अभी तक भी अधूरी पड़ी है।
पीएमश्री विद्यालय अजीजपुर
पीएमश्री विद्यालय अजीजपुर की चहारदीवारी टूटी पड़ी है। स्कूल के चारों ओर खेत ही खेत है। प्रधानाध्यापक नितिन कुमार ने बताया कि चहारदीवारी की मापतौल हो चुकी है, जल्द ही निर्माण की उम्मीद है।
जल्दी ही ऐसे स्कूलों की सूची मांगी जाएगी। इसके बाद संबंधित विभाग द्वारा ऐसे सभी स्कूलों में चहारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा। - संतोष कुमार, बीएसए