इंद्रपाल सिंह पांचाल
शामली। अप्रैल में कोरोना संक्रमण बढ़ने से जिले में हाईवे निर्माण का कार्य प्रभावित होने लगा है। होली पर गए करीब 25 प्रतिशत मजदूर अभी तक लौटकर नहीं आए हैं। सहारनपुर में रात्रिकालीन कर्फ्यू और रविवार को लॉकडाउन लागू होने से निर्माण कार्य प्रभावित होगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि हाईवे निर्माण पर कोरोना के बढ़ते मामले कहीं ब्रेक न लगा दे।
जिले में दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे, मेरठ-करनाल, पानीपत खटीमा हाईवे के बाईपास का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी के पास दूसरे प्रांतों के 1500 से 2000 हजार मजदूर कार्य कर रहे हैं। दिल्ली-शामली-सहारनपुर हाईवे पर मेरठ की कृष्णा कंट्रेक्शन कंपनी का कार्य देख रहे जितेंद्र बालियान का कहना है कि प्रोजेक्ट में बिहार, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों मजदूर काम कर रहे हैं। होली पर दूसरे प्रांतों के मजदूर अपने घर गए थे लेकिन अप्रैल में कोरोना संक्रमण बढ़ने से करीब 25 प्रतिशत मजदूर लौट कर नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में हाईवे का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है। पिछले 15 दिन से सहारनपुर में रात्रिकालीन कर्फ्यू और उत्तर प्रदेश सरकार के रविवार को लॉकडाउन की घोषणा किए जाने के बाद हाईवे का निर्माण कार्य दस से पंद्रह प्रतिशत तक प्रभावित होगा। (संवाद)
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पिछले साल छह माह कार्य हुुआ था प्रभावित
पिछले साल 24 मार्च के बाद लॉकडाउन लागू हो गया था। तीन माह के बाद हाईवे निर्माण को सरकार ने लॉकडाउन से मुक्त किया था। दिल्ली-शामली सहारनपुर के प्रथम चरण का कार्य निर्माण एजेंसी को 31 मई तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, जो नवंबर में पूरा हो पाया।
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शहरी क्षेत्र में बिजली की रोशनी से जगमगा रहा है हाईवे
जितेंद्र बालियान ने बताया कि प्रथम चरण में शहरी क्षेत्र की आबादी की जद में आने वाले हाईवे पर लाइट लगाने का प्रावधान है। शहरी क्षेत्र में 35 मीटर पर बिजली के पोल लगाए गए हैं। प्रथम चरण में बागपत-बड़ौत, सरुरपुर, बावली, बड़ौली, रमाला, कांधला, पिंजोखरा गांव हाईवे पर बिजली के पोल लगाकर लाइट की व्यवस्था की गई है। दूूसरे चरण में शामली से सहारनपुर तक आबादी वाले सिक्का, हिंड, हरड़ फतेहपुुर, थानाभवन, जलालाबाद, ननौता, रामपुर मनिहारन समेत कई गांवों में हाईवे पर खंभे लगाकर लाइट की व्यवस्था की जाएगी।