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मोबाइल बाजार पर कोरोना की मार

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शामली। इस बार कोरोना संक्रमण की मार से मोबाइल बाजार ठप हो गया है। कोरोना कर्फ्यू में एक तो दुकानें बंद चल रही हैं, दूसरी तरफ ऑनलाइन बाजार खुला होने से ऑफलाइन मोबाइल कारोबार ठप हो गया है। पिछले साल लॉकडाउन में दुकान खोलने का समय निर्धारित था और ऑनलाइन कक्षाएं पहली बार शुरू हुई थीं। ऑनलाइन बाजार पर रोक थी, जिससे मोबाइल का कारोबार अच्छा हुआ था, लेकिन इस बार परिस्थितियां इसके उलट है। शामली शहर में मोबाइल की करीब 75 दुकानें हैं, जिन पर एक दिन में औसतन 70 से 80 लाख रुपये का कारोबार होता था। कोरोना कर्फ्यू में करीब 17 दिन से दुकानें बंद चल रही हैं, जिससे करोड़ों रुपये का कारोबार अब तक प्रभावित हो चुका है।
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पिछले साल ऑनलाइन बाजार बंद था, लेकिन इस बार ऑनलाइन बाजार चल रहा है। जिस कारण रिटेल विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कोरोना कर्फ्यू में दुकानें बंद रहने से ऑफलाइन बिक्री पूरी तरह से बंद चल रही है। सरकार को चाहिए कि ऑफलाइन बाजार का ध्यान रखते हुए ऑनलाइन बाजार पर रोक लगानी चाहिए। - अमित शर्मा, मोबाइल विक्रेता
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शहर में औसतन एक दुुकान पर कोरोना कर्फ्यू से पहले 10 से 12 मोबाइल की बिक्री होती थी, लेकिन अब दुकानें बंद चल रही हैं। मोबाइल कारोबार पूरी तरह ठप पड़ा है। ऊपर से ऑनलाइन बाजार रही सही कसर पूरी कर रहा है। - नीरज संगल, मोबाइल विक्रेता
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सरकार को पिछले साल की तरह मोबाइल की दुकानों को खोलने की छूट देनी चाहिए या ऑनलाइन बाजार पर भी रोक लगानी चाहिए। कोरोना कर्फ्यू में दुकानें बंद रहने से व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। - उदित जैन, मोबाइल विक्रेता
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पिछले साल ऑनलाइन कक्षाएं पहली बार चली थीं। लॉकडाउन में दुकानें खोलने की निर्धारित समय मिला था। इस बार दुकानें बंद चल रही हैं। ऑनलाइन बाजार खुला हुआ है। ऐसे में मोबाइल विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। - आकाश बंसल, मोबाइल विक्रेता
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कोरोना कर्फ्यू में दुकानें पूरी तरह बंद रहने से मोबाइल की बिक्री पूरी तरह से बंद है। इससे मोबाइल कारोबारियों को मोटा नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। - तरुण सिंघल, मोबाइल होलसेल व्यापारी
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