शामली। विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया के दूसरे दिन थानाभवन से विधायक सुरेश राणा, अब्दुल राव वारिस, कैराना से भाजपा सांसद की बेटी मृगांका, शामली जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मनीष चौहान समेत 10 प्रत्याशियों के नामांकन पत्र खरीदे हैं। जबकि नामांकन किसी ने भी नहीं कराया।
बुधवार को कलक्ट्रेट में बनाए गए कैराना विधानसभा कक्ष में भाजपा सांसद हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह, प्रवीण कुमार गर्ग शामली, धर्मवीर सिंह मछरौली, शामली विधानसभा क्षेत्र से सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान ने सपा, भारतीय जनता दल (टी) से ओमपाल सिंह भभीसा, थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक सुरेश राणा, पूर्व विधायक अब्दुल राव वारिस बसपा, राव मुसर्रत बेगम निर्दलीय, अतर सिंह गढ़ी अब्दुल्ला खां, आकाश सैनी पुत्र मुुकेश सैनी गढ़ी अब्दुल्ला खां की ओर से अधिवक्ताओं एवं उनके समर्थकों ने नामांकन पत्र खरीदे।
सुबह 11 बजे लेकर दोपहर तीन बजे तक जिले की तीनों विधानसभाओं से राजनैतिक दलों एवं निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में एक भी नामांकन पत्र पीठासीन अधिकारी के समक्ष जमा नहीं किया गया। कैराना के एसडीएम भानुप्रकाश यादव, शामली एसडीएम एमपी सिंह, ऊन एसडीएम विजय प्रकाश तिवारी ने बताया कि दूसरे दिन भी कोई नामांकन पत्र जमा नहीं हुआ।
एडीएम भरत पांडे ने बताया कि पिछले दो दिनों में 14 नामांकन पत्रों की खरीद हुई है। पहले दिन थानाभवन विधानसभा क्षेत्र से सपा जिलाध्यक्ष किरणपाल कश्यप उसके बेटे भारत कश्यप, मंजू कश्यप, नासिर अली ने पर्चे खरीदे थे। दूसरे दिन चुनाव के व्यय प्रेक्षक शंभू सिंह यादव, डीएम सुजीत कुमार, एएसपी अनिल कुमार झा ने नामांकन पत्र कक्षों को जायजा लिया।
चुनाव खर्च पर पुलिस प्रशासन रखे नजर
थानाभवन। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पर्यवेक्षक ने विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस-प्रशासन की टीम से चुनाव खर्च और आचार संहिता पर विशेष निगरानी रखने के लिए कहा।
विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए चुनाव आयोग द्वारा थानाभवन विधानसभा में लगाए गए चुनाव पर्यवेक्षक शंभू सिंह ने क्षेत्र का भ्रमण किया। वह नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे और वहां पर उन्होंने बैठक ली। अधिशासी अधिकारी रवियादव, थानाप्रभारी अनुराधा सिंघल से चुनावों को लेकर वार्ता की।
निर्देश दिए कि चुनाव में आयोग द्वारा प्रत्याशियों द्वारा किए जा रहे खर्चों की सीमा तय की गई है। उस पर विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव कराने में कोताही बिल्कुल नहीं बरती जाए।