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जिले में 12 शिक्षण संस्थाओं का निर्माण अधर में लटका

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निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय। - फोटो : SHAMLI
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शामली। जिले में 50-50 लाख से अधिक की 12 शिक्षण संस्थाओं का निर्माण वर्षों से अटका है। इनमें एक परियोजना के लिए नौ और दो परियोजनाओं के लिए आठ वर्ष बाद भी धनराशि नहीं मिली है।
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थानाभवन में राजकीय आईटीआई नौ साल पूर्व 2013 में स्वीकृत हुई थी। शासन ने परियोजना पूरी करने के लिए 31 मार्च 2022 का लक्ष्य निर्धारित करते हुए 2.95 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की थी। लेकिन निर्माण एजेंसी 54.17 प्रतिशत कार्य ही कर पाई। थानाभवन ब्लॉक के पलठेड़ी गांव में राजकीय इंटर कालेज निर्माण के लिए 10 फरवरी 2014 को 3.18 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति हुई थी। शासन से 1.74 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करते हुए 31 मार्च 2022 को पूरा करने का लक्ष्य मिला था। लेकिन आठ साल बाद 58.33 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है। कैराना ब्लॉक के भूरा गांव में राजकीय इंटर कॉलेज निर्माण के लिए गत 10 फरवरी 2014 में 3.18 करोड़ रुपये की धनराशि की स्वीकृति हुई थी। शासन ने 1.74 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करते हुए 31 मार्च 2022 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया था। निर्माण एजेंसी आठ साल में मात्र 58.33 प्रतिशत कार्य पूरा किया। धनाभाव में परियोजना अधूरी है।
राजकीय इंटर कॉलेज का कार्य 83.33 प्रतिशत हुआ
थानाभवन क्षेत्र के हसनपुर लुहारी में 3.48 करोड़ की लागत से राजकीय इंटर कॉलेज निर्माण की स्वीकृति 19 फरवरी 2018 को हुई थी। 1.27 करोड़ की धनराशि अवमुक्त होने के बाद 83.33 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। जबकि परियोजना पूरी करने का लक्ष्य 30 अप्रैल 2021 का दिया गया था। पिछले दस माह से कार्य धनराशि के अभाव में निर्माण कार्य अधूरा है। पट्टी मसावी में राजकीय इंटर कालेज निर्माण के लिए 3.48 करोड़ रुपये की धनराशि 19 फरवरी 2018 में स्वीकृति मिली थी। 31 मार्च 2021 तक पूरी होने वाली परियोजना के लिए 1.27 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई। 85.39 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। संवाद
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28 जून तक होना है महाविद्यालय का निर्माण
थानाभवन में महाविद्यालय निर्माण के लिए 8.9 करोड़ रुपये की स्वीकृति 25 अक्तूबर 2020 को मिली थी। 28 जून 2022 को परियोजना पूरी करने का लक्ष्य दिया गया था, मगर अभी तक दो करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई है। 43.33 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। थानाभवन क्षेत्र के ग्राम हरड़ फतेहपुर में राजकीय इंटर कॉलेज 3.48 करोड़ रुपये की स्वीकृति 14 मार्च 2016 मे मिली थी। 1.74 करोड रुपये की धनराशि अवमुक्त होने के बाद 68.18 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। थानाभवन ब्लाक के हरड़ फतेहपुर गांव में राजकीय कन्या डिग्री कालेज निर्माण के लिए 9.42 करोड़ रुपये की स्वीकृति दो जनवरी 2019 को हुई थी। जिसमें 3.45 करोड़ रुपये की धनराशि परियोजना के लिए अवमुक्त करते हुए जुलाई 2021 को निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। निर्माण एजेंसी 54.37 प्रतिशत कार्य की कार्य पूरी कर पाई है। राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज पेलखा गढ़ीपुख्ता के लिए दो जनवरी 2019 में 9.42 करोड़ रुपये की शासन से स्वीकृति कर 80 लाख रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई थी। परियोजना को 24 मई 2022 को पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन 45.83 प्रतिशत कार्य पूरा हो पाया है।
धन के अभाव में रुका छात्रावास का कार्य
कांधला क्षेत्र के भभीसा में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास 18 जुलाई 2016 से स्वीकृति होने के बाद शासन से 1.7 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। परियोजना पूर्ण करने के लिए 31 जनवरी 2022 निर्धारित की गई थी। शासन से 1.62 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च होने के बाद 90 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। ऊन ब्लाक में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 16 जुलाई 2016 को स्वीकृति मिलने के बाद 1.07 करोड़ रुपये की धनराशि परियोजना के लिए स्वीकृत की गई। जिसमें 1.07 लाख की धनराशि अवमुक्त की गई। 30 सितंबर 2021 को परियोजना पूरी करने का लक्ष्य दिया गया, लेकिन परियोजना धनराशि के अभाव में अधूरी पड़ी हुई है। पिंडौरा गांव में राजकीय महिला आईटीआई निर्माण के लिए 12.6 करोड़ रुपये की धनराशि दो जनवरी 2019 में स्वीकृति मिली थी। परियोजना के लिए 2.98 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त करते हुए परियोजना को पूरा करने के लिए जुलाई 2021 का लक्ष्य निधार्रित किया गया था। फिलहाल 50 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
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वर्जन
एमएलसी चुनाव संपन्न होने पर जिले की सभी अधूरी परियोजनाओं के लिए शासन से धनराशि की मांग की जाएगी। शंभू नाथ तिवारी, सीडीओ।
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