डार्क श्रेणी जिले में पानी का संरक्षण जरूरी
शामली। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अधिकारियों के साथ विकास कार्यों पर मंथन किया। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला डार्क श्रेणी में है। जिले में बारिश होने से पहले ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, हैंडपंप के आगे रिचार्ज सिस्टम का कार्य शुरू कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत बारिश के पानी को संरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गोशाला बंद हो चुकी है। ऐसी गोशालाओं को संचालित किया जाए। साथ ही घूम रहे निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में रखा जाए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम जसजीत कौर की अध्यक्षता में विकास कार्यों को लेकर बैठक हुई। उन्होंने जनपद में संचालित विकास योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शामली जिला डार्क श्रेणी में आने से पानी का संकट है। इसीलिए यहां पर पानी संरक्षित किया जाना जरूरी है। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बंद हो चुकी गोशालाओं को संचालित किया जाए। घूम रहे निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में संरक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि गोशालाओं में गोवंश के लिए हरा चारा, पानी, छाया की व्यवस्था कराएं।
उन्होंने जिले के सभी बीडीओ से कहा कि पशुचर जमीन पर गोवंश के लिए हरा चारा बोया जाए। अपने-अपने ब्लाक क्षेत्रों में तालाबों को चिह्नित करके तालाब से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। पौधरोपण के लक्ष्य को पूरा किया जाए। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्यों के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। रिक्त दुकानों को शीघ्र आवंटन कराने, टीकाकरण एवं टैगिंग कार्य में तेजी लाई जाए। इस अवसर पर सीडीओ शंभू नाथ तिवारी, , जिला विकास अधिकारी प्रमोद कुमार, परियोजना निदेशक ज्ञानेश्वर तिवारी, उप कृषि निदेशक शिव कुमार केसरी संबंधित आदि अधिकारी मौजूद रहे।