शामली। जिला मुख्यालय पर नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय का पिछले छह साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा हो नहीं हो पाया है। वहीं, निर्माण एजेंसी की ओर से कहा जा रहा है कि कलक्ट्रेट का डीएम ब्लाक 31 जून पूरा हो जाएगा।
शामली जिला बनने के चार साल बाद गोहरनी गांव में वर्ष 2015 में नवीन कलक्ट्रेट कार्यालय के अनावसीय भवनों के निर्माण के लिए शासन से 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार रुपये का मानकीकृत लागत की मांग की गई। छह साल पूर्व सात जुलाई 2015 में शासन से दस करोड़ 40 लाख 94 हजार की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद प्रथम किस्त के रुप में चार करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हुई। दूूसरी किस्त के रुप में 4.32 करोड़ रुपये 19 सितंबर 2016, 29 मार्च को, 2017 को तीसरी किस्त के रुप में एक करोड़ 56 लाख 89 हजार रुपये अवमुक्त हुई। अवमुक्त धनराशि के बाद कलक्ट्रेट कार्यालय के अनावासीय भवनों का निर्माण पूरा नहीं हुआ।
दो साल बाद कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के निर्माण कार्य के लिए व्यय वित्त समिति द्वारा 29 करोड़ रुपये 59 लाख 53 हजार रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति शासन ने देते हुए आदेश जारी किया गया। 12 मार्च 2020 में चतुर्थ किस्त के रुप में दो करोड़ रुपये, 16 सितंबर 2020 को पांचवीं किस्त के रुप में दो करोड़ 20 लाख 64 हजार रुपये जारी हुए। एक दिसंबर 2020 को छठी किस्त के रुपये में 4.43 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है।
शासन से शामली कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के के निर्माण के लिए 29 करोड़ 59 लाख 53 हजार रुपये के सापेक्ष 18 करोड़ 52 लाख 53 हजार रुपये 75 प्रतिशत से अधिक धनराशि खर्च हो चुकी है। सातवीं किस्त के रुप में सात करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपये पिछले दो माह पूर्व गत स्वीकृति राज्यपाल दे चुके हैं। अंतिम किस्त के रुप में तीन करोड़ 67 लाख 12 रुपये शासन से अवमुक्त होने अवशेष है।
इसके बाद भी अभी तक नवीन कलक्ट्रेट के अनावसीय भवनों के कार्यालय के चार ब्लाक में से कोई ब्लाक पूरी तरह तैयार नहीं है। राजकीय निर्माण निगम के अवर अभियंता कमल कांत शर्मा का कहना है कि डीएम ब्लाक में डीएम कोर्ट, बैंक, स्टाप रूम, समिति हाल और दूसरा एडीएम समेत चार कोर्ट रूम, प्रवेश लॉबी, स्टीलट प्लोर पार्किंग तरह तैयार है। 31 जून तक नवीन कलक्ट्रेट के डीएम कार्यालय और चार कोर्ट रूम का ब्लाक पूरा कर लिया जाएगा।